तीन महीने की बच्ची और मां (60)की हत्या के विचाराधीन कैदी जगदेव सिंह उर्फ मायकल (30) ने अंबफला जेल में आत्महत्या कर ली। उसे जेल के निगरानी कक्षा के सेल नंबर 12 में रखा गया था। बताया जा रहा कि उसने अपने ट्राउजर से फंदा लगा लिया। वह जम्मू जिले के बिश्नाह तहसील के मोर्चापुर का रहने वाला था।
जानकारी के अनुसार विचाराधीन कैदी जगदेव सिंह 13 नवंबर 2023 से जेल में बंद था। मंगलवार की सुबह करीब 9:15 बजे जेल कर्मचारियों ने उसके कक्ष में देखा, तो वह अचेत अवस्था में पड़ा था। इसके बाद जेल के मेडिकल अधिकारी ने उसे जांच के लिए जीएमसी रेफर किया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
शव को जीएमसी के शवगृह में पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया के लिए रखा गया। पोस्टमार्टम जीएमसी के डॉक्टरों के पैनल ने किया। इसके बाद शव को परिवार के सदस्यों को सौंप दिया गया। वहीं जेल में कैदी द्वारा आत्महत्या करने से आफरा तफरी की स्थिति रही।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जरूरी सुबूत और तथ्य जुटाए। मृतक कैदी के खिलाफ पुलिस स्टेशन बिश्नाह में एफआईआर दर्ज थी और वह न्यायिक हिरासत में और एलडी सिटी जज जेएमआईसी जम्मू की अदालत के समक्ष मुकदमे का सामना कर रहा था। इस मामले की जांच मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगी और विस्तृत रिपोर्ट बनेगी।
कैदी की जेल में आत्महत्या का दूसरा मामला
जम्मू जिले में जेल में कैदी के आत्महत्या करने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले गांधीनगर पुलिस थाने में बंद एक कैदी ने भी आत्महत्या की थी। उक्त कैदी ने कंबल की किनारी से फंदा लगाया था। इसके बाद दो पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर एसएचओ को लाइन हाजिर किया था। एसएसपी जम्मू ने कहा कि गांधीनगर पुलिस थाने में कैदी की मौत के मामले जी जांच अभी चल रही है।
31 अक्तूबर को बिश्नाह के मोर्चापुर गांव में आरोपी
जगदेव पर आरोप था कि उसने 31 अक्तूबर को बिश्नाह के मोर्चापुर गांव में अपनी 60 वर्षीय मां और तीन महीने की बच्ची के गले और पेट में कैंची घोंपकर हत्या कर दी थी। जगदेव नशे का आदी था। बताया जाता है कि घर में निर्माण में लगे मिस्त्री और मजदूरों ने उसे इस जघन्य अपराध को अंजाम देते हुए देखा था। आरोपी की पहली पत्नी लगभग सात साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। दो साल पहले उसने दूसरी शादी की थी। दूसरी पत्नी भी बच्ची को उसके पास छोड़ कर मायके में रह रही थी।