राज्य सरकार ने महिलाओं के संबंध में बड़ा फैसला लेते हुए संपत्तियों की रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी से छूट दे दी है। अब संपत्तियों की खरीद पर इन्हें कोई स्टांप शुल्क नहीं देना होगा। यह व्यवस्था शहरी और ग्रामीण क्षेत्र दोनों ही स्थानों की संपत्तियों पर समान रूप से लागू होगा।
यह फैसला शुक्रवार को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक में पुरुषों के नाम संपत्तियों की रजिस्ट्री पर भी स्टांप शुल्क में कटौती की गई है। शहरी क्षेत्रों में यह शुल्क सात से घटाकर पांच और ग्रामीण क्षेत्रों में पांच से घटाकर तीन फीसदी कर दी गई है।
मंत्रिमंडल ने केएएस की तर्ज पर केपीएस अफसरों को समयबद्ध प्रोन्नति देने को भी मंजूरी दी। यह फैसला एक जनवरी 2018 से प्रभावी माना जाएगा। इसके तहत केपीएस के जूनियर स्केल में 10 वर्षों, चार वर्षों व आठ वर्षों की सेवा के साथ टाइम स्केल में प्रोन्नत होंगे।
श्रीनगर में दरबार मूव होने के बाद शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें महिलाओं को जमीन खरीदते समय स्टांप से छुटकारा देने के साथ अन्य कई अहम फैसले लिए गए। गौरतलब है कि महिलाओं के हित में जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम की सोशल मीडिया पर खूब वाहवाही हो रही है।