क्षेत्र के गंडली गांव में नाले के तेज बहाव में बह रहे ग्रामीण की दो फेरीवालों समेत चार लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में कूदकर जान बचा ली। इस वाकये की क्षेत्रभर में सराहना की जा रही है।
राजकुमार निवासी कूल कलां अरनिया की तबीयत खराब थी। रविवार को वह अपने बेटे मोहित के साथ स्कूटी से डॉक्टर को दिखाने जा रहा था। गंडली गांव में बारिश के चलते नाले का पानी पुलिया से ओवरफ्लो होकर तेज रफ्तार में बह रहा था। राजकुमार स्कूटी से तेज बहाव के बीच नाले को पार करने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान स्कूटी पुलिया पर बंद हो जाती है। राजकुमार नीचे उतरकर स्कूटी को धक्का लगाते हैं। स्कूटी लेकर उनका बेटा बाहर निकल जाता है लेकिन राजकुमार नाले के तेज बहाव में फंस जाते हैं और बहने लगते हैं। यह देखकर उनका बेटा और अन्य लोग शोर मचाते हैं। ग्रामीण को बहता देख उस ओर से गुजर रहे दो फेरी वाले नाले में छलांग लगा देते हैं। उनके साहस को देखकर ऑटो चालक शालू और चारा लेकर जा रहे गागा भी अपनी जान की परवाह किए बिना मदद के लिए नाले में कूद जाते हैं और चारों लोग मिलकर तकरीबन 20 मीटर तक बहकर गए राजकुमार को सकुशल निकाल लाते हैं। लेकिन पानी में डूबने से राजकुमार की हालत खराब देखकर उनके परिजन तत्काल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उनकी हालत स्थिर बताई। दोनों फेरीवाले समेत चारों लोगों की दिलेरी की सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है।
गांव के नंबरदार कुलभूषण सिंह ने बताया कि तेज बारिश से आए दिन नाला ओवरफ्लो हो जाता है। इससे पानी पुलिया के ऊपर बहने लगता है। पहले भी कई लोगों को डूबने से बचाया गया है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के लगभग 40 गांव के लोग शॉर्टकट मार्ग से बिश्नाह पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि नाले पर ऊंचा पुल बनाने से समस्या दूर हो जाएगी। इसके लिए प्रशासन को तत्काल पहल करनी चाहिए।