किसान 25 वर्ष से कर रहे इंतजार
किसानों का आरोप है कि उनकी सैकड़ों एकड़ जमीन हथियाई जा रही है लेकिन इसका मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। राजस्व विभाग के अधिकारी बिना कोई बात सुने उनकी जमीनों पर अपनी पिकेट लगा रहे हैं। ये वही किसान है जिन्होंने 1965-71 की लड़ाई और हाल में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यहां तैनात बीएसएफ व सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाया था।
यहां रह रहे हैं अधिकतर लोग 1965 और 71 में पाकिस्तान छोड़कर भारत आए थे और तबसे सरकार ने उन्हें जमीन आवंटित की थी। किसानों ने कहा कि वे 25 साल से मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।