जम्मू के तालाब तिल्लो में नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक परिवार का मकान गिरा दिया गया, जबकि परिवार का आरोप है कि उन्हें कोई नोटिस या पक्ष रखने का मौका नहीं मिला। पूर्व पार्षद और पीड़ित परिवार ने कार्रवाई की निंदा की है और न्याय व मामले की जांच की मांग की है।
नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार को तालाब तिल्लो में मकान को गिरा दिया गया। कार्रवाई करने पहुंची टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। परिवार ने जमीन उनके नाम होने की बात कही है और अब प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
कार्रवाई दोपहर करीब 12:30 बजे हुई है। परिवार का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में मकान को गिरा दिया और उन्हें सामान निकालने का मौका भी नहीं दिया गया। पीड़ित करण सिंह के अनुसार करीब डेढ़ सप्ताह पहले निगम के कर्मचारी उनके पास आए थे। बताया गया कि उनके घर के पास सीवरेज पाइप बिछानी है। उन्होंने जमीन देने से इन्कार कर दिया। अब गलत कार्रवाई की गई है।
पीड़ित करण सिंह का कहना है कि परिवार 30 साल से यहां रह रहा है। प्रशासन की ओर से मकान न तोड़ने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद टीम ने मकान गिरा दिया। इतना ही नहीं, उन्हें न तो कोई सूचना दी गई और न ही पक्ष रखने का मौका दिया गया। वार्ड-31 के पूर्व पार्षद सुच्चा सिंह ने कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि बिना नोटिस किसी भी परिवार को उजाड़ना गलत है।
विज्ञापन
मामले की जांच होनी चाहिए कि आदेश किस आधार पर दिया गया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से न्याय की मांग की है और कार्रवाई में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ जांच की अपील की है। मामला फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर, नगर आयुक्त डॉ. देवांश यादव ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है। संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट ली जाएगी। यह कार्रवाई प्रशासन की मंजूरी से हुई है।