पुंछ। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल काफ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष डॉ फारूक अब्दुल्ला ने एलओसी को लाइन आफ पीस बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान केे बीच बातचीत जरूरी है। इससे इस लाइन आफ कंट्रोल को लाइन आफ पीस बनाया जा सकेगा। जम्मू कश्मीर को भारतीय संविधान के अंदर स्वायत्तता दी जानी चाहिए और यहां के लोगों को भारत पाकिस्तान के मध्य मसला ए कश्मीर के हल को लेकर होने वाली बातचीत में शामिल किया जाना चाहिए। जो समाधान यहां के लोगों को मंजूर हो, वही होना चाहिए।
फारूक ने कहा कि आज गांधी के देश को बदला जा रहा है। जिस देश को गांधी ने सबका बताया था, उसे आरएसएस आज सिर्फ हिंदुओं का बनाने की साजिश रच रहा है। फारूक रविवार को पुंछ प्रवास के तीसरे दिन मेंढर तहसील के भाटीधार गांव में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
फारूक अब्दुल्ला ने आरएसएस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह इस देश में सिर्फ हिंदुओं को बसाना चाहती है। इतना ही नहीं आरएसएस के सपनों के देश में उच्च जातियों के हिंदू सबसे ऊपर रहेंगे, जबकि दलितों का स्थान नीचे होगा। फारूक ने यहां तक कहा कि 1947 में जब देश आजाद हुआ था, उस समय जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान के साथ जाने से कोई नहीं रोक सकता था। राज्य के 90 प्रतिशत मुसलमान पाकिस्तान के हक में थे, लेकिन हमारी जमात नेकां ने लंगोटी वाले गांधी, जो कहते थे हिंदुस्तान सबका है, इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी रह सकते हैं, की सोच पर यकीन किया और जम्मू-कश्मीर को एक आजाद और बड़े मुल्क के साथ रहने का फैसला किया था। लेकिन, आज मुल्क में क्या हालात हैं, मुसलमानों के साथ क्या हो रहा है। रियासत में 15, 16 साल के बच्चे सड़कों पर उतर रहे हैं, उन्हें आज गोली का भी कोई डर नहीं है। कश्मीर जल रहा है। बच्चों की पढ़ाई बर्बाद हो रही है। नियंत्रण रेखा के हालात खराब हैं और मुल्क को मजहब के नाम पर बांटा जा रहा है। हिंदुओं के नाम पर साजिश रची जा रही है। आज गांधी के मुल्क की ऐसी हालत हो गई है।
इस अवसर पर पार्टी महासचिव अली मोहम्मद सागर ने पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर राज्य में नेकां को मजबूत करने के लिए काम करने का आह्वान किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र सिंह राणा और मेंढर के विधायक जावेद अहमद राणा ने रियासत के लोगों से सांप्रदायिक शक्तियों को मुंहतोड़ जवाब देने का आह्वान किया।
कुछ ताकतें जम्मू-कश्मीर को जाति-धर्म के नाम पर बांटना चाहती हैं
भारतीय जनता पार्टी का नाम लिए बिना फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कुछ शक्तियां जम्मू कश्मीर को जाति एवं धर्म के नाम पर बांटने के सपने देख रही हैं, लेकिन धरती पर कोई ऐसी ताकत नहीं है, जो राज्य का बंटवारा कर सके। नेकां ऐसी ताकतों को कभी सफल नहीं होने देगी और न ही राज्य की अखंडता को टूटने देगी।