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जम्मू-कश्मीरः सरहद पर हर 15 मिनट पर आंगन के रास्ते दस्तक दे रही है मौत

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पाक की गोलाबारी में गिरा गोला - फोटो : Amar ujala
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जम्मू। सरहद से सटे गांवों में बने घरों के आंगन अब घर वालों के लिए आफत बन गए हैं। घर के बीच में जिस खुली जगह को असमान निहारने के लिए छोड़ा गया था, आज वहीं से हर पंद्रह मिनट पर मौत दस्तक दे रही है।
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पाकिस्तान की ओर से दागे जा रहे गोले लोगों के घरों के आंगन में या छत को तोड़ कर घरों के अंदर गिर कर तबाही मचा रहे हैं। अब्दुलियां गांव के कई ग्रामीणों ने बताया कि पाकिस्तान के दागे गोले ज्यादातर घर के आंगन में ही आकर गिरते हैं, जिससे पूरा घर उसकी चपेट में आ जाता है।

ज्यादातर सीमावर्ती ग्रामीणों के घरों में आंगन जरूर होता है, लेकिन आज घर के लोग आंगन में नहीं जा रहे हैं। गौरतलब है कि अब्दुलियां गांव के ही साहिल की भी मौत पाकिस्तान की ओर से दागे गए गोले के छर्रे लगने से हुई थी, जो कि उनके घर के आंगन में आकर फटा था।
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2007 में भी आंगन के रास्ते आई थी मौत

- फोटो : Amar ujala
साल 2007 में आरएस पुरा सेक्टर के अब्दुलिया गांव के निकट खेरा में गुज्जर समुदाय के एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत पाक की गोलाबारी में हुई थी। पाक की ओर से दागा गया एक गोला सीधे उनके आंगन में आकर गिरा, जिसकी चपेट में आने से एक साथ सो रहे कुल चार लोगों की मौत हो गई थी।

पाकिस्तान का जताया विरोध
जम्मू। गत चार दिन से पाकिस्तान लगातार रिहायशी क्षेत्रों पर गोलाबारी कर मासूमों को निशाना बनाया जा रहा है। पाकिस्तान की इस कायराना हरकत पर लोगों में रोष व्याप्त है। शनिवार को गंग्याल में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व पार्षद सतीश शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताआें ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया।

इस दौरान पाकिस्तानी झंडा जला कर भड़ास निकाली। कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने गंग्याल मार्ग पर एक रोष रैली निकाली और नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला उपाध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान अब नासूर बन चुका है, इसलिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता है। केंद्र सरकार को चाहिए की सीमांत ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पांच-पांच मरले के प्लाट दिए जाएं।
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