जम्मू-कश्मीर में रियासत के केएएस अफसरों द्वारा अपनी संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराने के बाद इसकी जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान जिन अफसरों की संपत्ति आय से अधिक के दायरे में आएगी, ऐसे भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राज्यपाल सत्यपाल मलिक की चेतावनी के बाद केएएस अफसरों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराया है। राजभवन सूत्रों के अनुसार, 524 केएएस अफसरों में से लगभग 95 प्रतिशत से अधिक ने संपत्ति की जानकारी दी है।
राजभवन के सूत्रों ने बताया कि संपत्ति की जांच के लिए विजिलेंस विभाग तथा अन्य खुफिया एजेंसियों को इसमें लगाया गया है। कुछ अफसरों के बारे में पहले से ही गोपनीय सूचना राजभवन के पास है। ऐसे अफसरों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। अफसरों की संपत्तियों के ब्योरे को अपलोड कर सार्वजनिक भी किया जाएगा। राज्यपाल प्रशासन ने पिछले दिनों आईएएस अफसरों की तर्ज पर केएएस अफसरों को भी संपत्ति का ब्योरा एक महीने के भीतर जमा करने को कहा था।
कार्यभार संभालने के साथ ही राज्यपाल ने दी थी सख्त चेतावनी
कार्यभार संभालने के बाद राज्यपाल ने अगस्त महीने में भ्रष्ट अफसरों को सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि ऐसे अफसरों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी। इस पर अमल के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो का गठन किया गया है। इस ब्यूरो को संबंधित अफसरों की गिरफ्तारी का अधिकार दिया गया है।
मेडिक्लेम रद किए जाने से बना दबाव
रिलायंस की मेडिक्लेम बीमा योजना तथा झेलम पर पुल बनाने का ठेका रद किए जाने, एंटी करप्शन ब्यूरो के गठन व उसे गिरफ्तारी का अधिकार दिए जाने से अफसरों व कर्मचारियों के बीच चर्चा होने लगी। इससे राज्यपाल के सख्त रुख को लेकर सरकारी मुलाजिमों पर भारी दबाव बनाया।