बसोहली। रियासत में भाजपा-पीडीपी सरकार के तीन साल का कार्यकाल गुजर जाने के बाद भी अभी दूरदराज के इलाकों में केंद्र का डिजिटल इंडिया अभियान नहीं पहुंच पाया है। बसोहली के शीतलनगर इलाके में लोगों के पास बैंक ने एटीएम कार्ड तो मुहैया करवा दिए, लेकिन कसबे में एटीएम मशीन न होने से स्थानीय लोगों को यहां से करीब 50 किलोमीटर दूर बसोहली जाना पड़ता है।
आजकल बसोहली में अक्सर एटीएम में पैसे नहीं होते हैं, ऐसे में इतनी दूर जाकर भी लोगों को निराश होकर लौटना पड़ता है। इससे लोगों में केंद्र और राज्य सरकार के प्रति भारी रोष है। रूप सिंह, तिलक सिंह, नरेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह आदि ने बताया कि शीतलनगर के अंतर्गत नौ पंचायतें आती हैं। यहां जिन लोगों के पास बैंक खाते हैं, उन्हें बैंक की तरफ से एटीएम कार्ड भी दिए गए हैं, लेकिन वे इसका लाभ नहीं ले पाते हैं, क्योंकि कसबे में कोई एटीएम नहीं है। ऐसे में अक्सर लोग बैंक में घंटों लाइन में खड़े होकर अपने खाते से पैसे निकालने को प्राथमिकता देते हैं।
कई बार कुछ तकनीकी वजहाें, अवकाश होने पर लोगों को पैसे की जरूरत पड़ने पर यहां से 50 किलोमीटर दूर बसोहली जाना पड़ता है। शीतलनगर के अंतर्गत आने वाली पंचायतें द्रमन, हट्ट, खड्डी, जानू, सियालग, डोडला आदि इलाकों के लोगों को पैसे के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार बसोहली जाने पर भी वहां इतनी भीड़ होती है कि जब तक नंबर आता है, तब तक कैश खत्म हो जाता है।
आजकल पूरे देश के बैंकों में कैश की समस्या काफी बढ़ गई है, इसका असर इन इलाकों के बैंकों में भी दिख रहा है। कई बार लोग काफी दूर से जब बसोहली पहुंचते हैं तो एटीएम मशीन में कोई तकनीकी खराबी होती है, जिससे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है।