कठुआ। जम्मू-कश्मीर और पंजाब की सरहद पर रावी दरिया से खनन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। एक फरवरी से लागू इस प्रतिबंध के तहत अब न तो दरिया से खनन किया जा सकेगा और न ही क्रशर में माल तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही निर्माण सामग्री की ढुलाई और खरीद-बिक्री करने वालों पर एफआईआर तक लगाई जा सकती है।
माइनिंग विभाग ने रावी दरिया में चल रहे जलविज्ञान सर्वेक्षण के मद्देनजर खनन पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए जियोलॉजी माइनिंग विभाग के जिला अधिकारी बोधराज ने बताया कि लोगों की तरफ से रावी दरिया में खनन को लेकर लगातार मिल रही आपत्तियाें के बाद जलविज्ञान सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक इस प्रतिबंध को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इस संबंध में जिला उपायुक्त कठुआ समेत जीएम पठानकोट और डीसी पठानकोट को भी पत्र लिखकर अवगत करवाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक जलविज्ञान सर्वेक्षण की रिपोर्ट आने के बाद ही तय किया जाएगा कि खनन को आगे बढ़ाया जाना है या नहीं। उन्होंने साफ किया कि यदि कोई भी क्रशर खनन या माल तैयार कर उसकी बिक्री करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही खनन से निकलने वाली निर्माण सामग्री की खरीदारी करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
‘खनन मामले की हो विजिलेंस जांच’
कठुआ। ठेेकेदारों के एक धड़े ने रावी दरिया में प्रतिबंध के बावजूद खनन और नियमों की अवहेलना पर विजिलेंस जांच की मांग की है। शनिवार को कमलजीत सिंह, बलवीर सिंह, अरुण चौधरी, मंदीप सिंह, पवनदीप सिंह, गुरमीत सिंह आदि ने बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने 24 जून 2016 को रावी दरिया में खनन पर रोक लगा दी थी, लेकिन इसके बाद भी वर्तमान में भी ठेकेदार खनन कर पर्चियां जारी कर रहा है। ठेकेदार द्वारा पिछले छह महीने में किए गए खनन की पर्चियां रिटर्न में फाइल की गई हैं, जो विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत को उजागर करता है। पाबंदी के बावजूद पर्चियां काट कर रिटर्न भरा जा रही है, जो फर्जी है। उन्होंने कहा कि बाकायदा डीसी पठानकोट ने मामले के संज्ञान में डीएमओ कठुआ को जांच के लिए कहा है। खनन घोटाले की विजिलेंस जांच की जानी चाहिए।
दस्तावेजों की होगी जांच
डीएमओ, कठुआ बोधराज ने बताया कि ठेकेदार को लीज पर खनन की अनुमति दी गई थी। सरकार द्वारा 24 जून 2016 को लगाए गए प्रतिबंध को ठेकेदार ने 26 जुलाई 2016 को हाईकोर्ट से वेकेट करवा लिया। इसके बाद से 31 जनवरी 2018 तक उक्त ठेकेदार के पास रावी दरिया के कीडियां गंडियाल और जगतपुर में खनन की अनुमति थी। लीज का समय 31 जनवरी को समाप्त हो चुका है और फिलहाल खनन पर प्रतिबंध है। डीसी पठानकोट से मिले निर्देश के बाद फाइल की गई रिटर्न के साथ लगाए गए दस्तावेज मंगवाए गए हैं, ताकि उनका मिलान करवाकर जांच की जाए। यदि कोई भी फर्जी पर्ची काटी गई होगी, तो वह सामने आएगी और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।