किश्तवाड़। शनिवार को डीसी दफ्तर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यालय में तोड़फोड़ करने के मामले में डीसी अंग्रेज सिंह राणा ने दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। उन पर प्रदर्शन में शामिल रहने का आरोप है। कर्मचारियों की पहचान शिक्षक सत्यभूषण शर्मा तथा तिलक राज वनपाल के रूप में हुई है। डीसी ने कहा है कि 27 अप्रैल को उनके दफ्तर में सनातन धर्म सभा के सदस्यों ने नारेबाजी कर तोड़फोड़ की थी। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने जिला अस्पताल में 09 अप्रैल को चंद्रकांत शर्मा और उनके पीएसओ की हत्या के पीछे जिम्मेदार दोषियों को गिरफ्तार करने में अपनी विफलता के लिए राज्य प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी। जुलूस के दौरान कुछ उपद्रवियों ने खिड़की और दरवाजे के शीशे, अलमारी को तोड़ दिया। इसके अलावा दो वाहनों और फाइलों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस प्रदर्शन के दौरान दोनों कर्मचारी भी शामिल थे।
बताया कि दोनों कर्मचारी सीईओ और डीएफओ कार्यालय में अटैच रहेंगे। उन्होंने बताया कि पवन कुमार परिहार अतिरिक्त उपायुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जो इस घटना की 15 दिनों में रिपोर्ट देंगे।