पुंछ। रविवार को जिले में नियंत्रण रेखा पर दिनभर पूरी तरह से शांती बनी रही। इसके बावजूद पिछले दो दिनों से पाक सेना द्वारा की गई भारी गोलाबारी के कारण सीमावर्ती इलाकों के ग्रामीण डर के मारे दिनभर अपने घरों में ही बंद रहे। लोगों ने अपने पशुओं को भी बाड़े से बाहर नहीं निकाला।
जिले में बालाकोट से लेकर कृष्णा घाटी तक के नियंत्रण रेखा से सटे गांवों में रविवार को भी दिनभर दहशत का माहौल बना रहा। लोगों को इस बात का डर सता रहा कि न जाने कब पाक सेना अचानक गोलाबारी शुरू कर देगी। रविवार की अवकाश होने और मौसम साफ होने के बाद भी लोगों ने धूप का मजा लेने के बजाय खुद को घरों में बंद रह कर सुरक्षित बनाए रखने को ही प्राथमिकता दी। उधर, जिले में पिछले तीन दिनों से पाक सेना द्वारा भारी गोलाबारी किए जाने को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। जिला विकास आयुक्त पुंछ तारिक अहमद जरगर का कहना है कि जिले में बालाकोट से सावजियां तक के 106 किलोमीटर क्षेत्र में पाकिस्तानी गोलाबारी की जद में आने वाले गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए पूरे जिले में 50 से ज्यादा राहत शिविर बनाए गए हैं। इसके लिए कई सरकारी भवनों, स्कूल-कालेजों आदि का चयन किया गया है ताकि अगर गोलाबारी से बचने के लिए कोई वहां पर आना चाहे तो आ सकता है। जरगर के अनुसार सभी राहत केंद्रों को नियंत्रण रेखा से आठ से दस किलोमीटर की दूरी पर बनाया गया है जहां पर बिजली, पानी, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। शुक्रवार और शनिवार भी गोलाबारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर चलने का आग्रह किया गया था, लेकिन अभी लोग इस बात के लिए मान नहीं रहे हैं। अगर पाकिस्तान गोलाबारी तेज करता है तो फिर हम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएंगे।