जम्मू। गर्मी से तंदूर की तरह तप रहे घरों में बिजली और पेयजल की भारी किल्लत से लोगों को थर्ड डिग्री जैसा टार्चर झेलना पड़ रहा है। बिजली मंत्री सुनील शर्मा की बिजली के सुचारु आपूर्ति के दावों की पोल भी खुल गई है। लोगों को दिन में पांच से 12 घंटों तक कटौती का सामना करना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मर जलने, ग्रिड स्टेशनों में खराबी व अन्य ढांचागत फाल्ट से दो दिन तक बिना बिजली के लोगों को रहने को मजबूर होना पड़ गया है। बिजली की पतली हालत से पेयजल आपूर्ति भी चरमरा गई है और बिजली, पानी के लिए हाहाकार की स्थिति बन गई है।
बुधवार को संभाग के सबसे बड़े 710 एमवीए के क्षमता वाले ग्लेडनी ग्रिड स्टेशनों के दो सर्किट में ब्लास्ट से सीटी उड़ गई। इससे जानीपुर क्षेत्र व सिद्दड़ा क्षेत्र में हजारों घरों में बिजली गुल हो गई। गर्मी की वजह से जानीपुर क्षेत्र में बिना बिजली से मचे हाहाकार के बीच लोगों ने प्रदर्शन भी किया। विभाग की तरफ से शाम को जानीपुर में तो बिजली बहाल कर दी गई, लेकिन सिद्दड़ा इलाके में बिजली बहाल नहीं हो पाई।
इसके अलावा ओवरलोडिंग की वजह से बर्न ग्रिड की 132 केवी लाइन भी सुबह सात से दोपहर एक बजे तक बंद रही। इससे ग्रिड से जुड़े पूरे इलाके में बिजली गुल रही और हाहाकार की स्थिति रही। कनाल ग्रिड स्टेशन में भी ओवरलोड से बिजली की आंखमिचौली जारी रही। बिजली का हाल बेहाल होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है।
पेयजल का पूरा सिस्टम बिजली पर निर्भर करता है। पीएचई स्टेशनों पर पंपिंग तभी हो पाती है जब बिजली मिलती रहे। बिजली की अघोषित कटौती से पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने में मुश्किल आ रही है। -अशोक गंडोत्रा, चीफ इंजीनियर, पीएचई विभाग जम्मू
ग्लेडनी ग्रिड स्टेशन के दो सर्किट जिसमें जानीपुर और सिद्दड़ा शामिल हैं, कीसीटी ओवरलोडिंग की वजह से ब्लास्ट हो गई। इससे बिजली कि आपूर्ति प्रभावित हुई। जानीपुर में बिजली की आपूर्ति को तो बहाल किया गया है लेकिन सिद्दड़ा में आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है।
-रामेश्वर शर्मा, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, ग्लेडनी ग्रिड