पुंछ। आखिरकार पांचवे हफ्ते चक्का दा बाग की राह-ए-मिलन से भारतीयों को भी पुंछ-रावलाकोट बस में सवार होकर अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए पीओके जाने की इजाजत मिल ही गई। इस पर भारत और पीओके दोनों तरफ के लोगों ने खुशी जाहिर की है।
सोमवार को फिछले हफ्ते की ही तरह एक बार फिर नियंत्रण रेखा के आर-पार बरसों से बिछुड़े परिवारों को आपस में मिलवाने के लिए पुंछ-रावलाकोट बस सेवा चलाई गई। बस में सवार होकर भारत और पीओके के 71 लोग चक्कां दा बाग की नियंत्रण रेखा के रास्ते आर-पार हुए। सुबह और शाम के समय पुंछ नगर स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम से पुंछ-रावलाकोट बस सेवा चली। वहां पर बड़ा ही मार्मिक दृश्य देखने को मिला। पांचवें हफ्ते पाकिस्तान की तरफ से 11 भारतीयों को परमिट जारी किए जाने पर भारत और पीओके दोनों तरफ के लोगों ने खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि इसी तरह दोनों देशों में अमन होना चाहिए, ताकि वे बिना किसी तकलीफ के अपने रिश्तेदारों से मिलते रहें। जानकारी के अनुसार सोमवार को भारत की तरफ से 58 लोग पुंछ-रावलाकोट बस में सवार होकर नियंत्रण के उस पार गए, जिनमें 11 भारतीय नागरिक पहली बार उस पार बसे अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए गए। 47 पीओके नागरिक भारत में बसे रिश्तेदारों के पास एक महीना बिता कर अपने वतन लौटे। उस पार से रावलाकोट-पुंछ बस में सवार होकर 13 लोग राह-ए-मिलन पार कर इस पार पहुंचे। इनमें सभी 13 पीओके के नागरिक पहली बार भारत में बसे अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए इस पार आए।