कठुआ। शुक्रवार रात को नरेश शर्मा पर हुए जानलेवा हमले का षडयंत्र उसकी पत्नी द्वारा ही रचा गया था। कठुआ पुलिस ने पत्नी के साथ-साथ तीन अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
गौरतलब है कि शुक्रवार की देर शाम को नरेश शर्मा पर कुछ लोगोें ने जानलेवा हमला कर दिया था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि पीड़ित नरेश के अपनी डॉक्टर पत्नी से रिश्ते ठीक नहीं चल रहे थे। इस कारण पत्नी ने उन्हें रास्ते से हटाने के लिए एक आपराधिक साजिश रची थी, जिसके तहत जोगिंदर कुमार उर्फ हैप्पी जो उसके क्लीनिक में पार्ट टाइम काम करता था और उसका करीबी जानकार भी था, उसे पति को मारने के लिए कुछ आपराधिक किस्म के लोगों का इंतजाम करने को कहा। इसके लिए उसके साथ एक लाख रुपये में डील तय हुई। पुलिस ने बताया कि साजिश के तहत जोगिंदर ने अपने चचेरे भाई रोहित कुमार को नरेश शर्मा को मारने के लिए लोगों का इंतजाम करने के लिए कहा और उससे इसके लिए हथियार भी मुहैया कर्राए। इतना ही नहीं जोगिंदर ने रोहित को घटना स्थल की जानकारी और नरेश शर्मा के आने जाने और उसकी हर हरकत की जानकारी भी दी। पुलिस के अनुसार घटना से पूर्व महिला चिकित्सक ने षड्यंत्र को अंजाम देने के लिए नरेश शर्मा की पहचान भी दी। इसके बाद शुक्रवार रात सात बजे के करीब रोहित कुमार ने पांच अन्य आरोपियों के साथ नरेश कुमार की हत्या के इरादे से जोगिंदर द्वारा दिए गए हथियारों के साथ जानलेवा हमला किया और गंभीर रूप से घायल नरेश को वहीं छोड़कर भाग गए।
मामले की जांच के लिए डीएसपी मुख्यालय एसएस संबयाल के नेतृत्व में थाना प्रभारी कठुआ, चौकी प्रभारी नगरी और चौकी प्रभारी हटली के साथ मिलकर एक टीम का गठन किया गया, जिसने इस मामले में कार्रवाई और जांच की। जांच और अब तक की छानबीन के बाद जोगिंदर कुमार उर्फ हैप्पी पुत्र मनोहर लाल निवासी वार्ड सात कठुआ, रोहित कुमार पुत्र बोधराज निवासी वार्ड ग्यारह नगरी और शम्मी कुमार पुत्र सत पाल निवासी जनियाल पंजाब के साथ घायल नरेश शर्मा की पत्नी निशा को भी हिरासत में लिया है। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल हुए तेजधार हथियार भी बरामद कर लिए हैं। घटनास्थल से एक बाइक भी बरामद हुई थी। पुलिस ने बताया कि इस मामले में नरेश की पत्नी की गतिविधियां शुरू से ही ठीक नहीं थीं जिसके आधार पर पुलिस आपरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने इस संदर्भ में एफआईआर संख्या 32/2018 में आरपीसी की धारा 307, 341,147,148, 149 और 4/25 शस्त्र अधिनियम में मामला दर्ज किया है।