जम्मू। औषधीय और सुगंधित पौधों, उनकी जलवायु स्थितियों, विपणन का अध्ययन करने और तकनीकी कौशल हासिल करने के लिए 60 किसान हिमाचल के नूरपुर गए। ये वहां पांच दिनों तक डॉ. वाईएस परमार बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय के अनुसंधान स्टेशन में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करेंगे। इन्हें किसान कल्याण विभाग के निदेशक एस. अरविंदर सिंह रीन ने हरी झंडी दिखाई।
जम्मू के 03 अधिकारियों के साथ सब डिवीजन अखनूर के विभिन्न क्षेत्रों के 60 किसानों को संबोधित करते हुए कृषि निदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को उन क्षेत्रों का दौरा करने के अलावा सक्रिय रूप से बातचीत करनी चाहिए और विपणन तंत्र का भी अध्ययन करना चाहिए, ताकि उनकी स्थानीय परिस्थितियों में भी इसी तरह के तरीकों को अपनाया जा सके। मुख्य कृषि अधिकारी विनोद के. कुंडल ने कहा कि किसानों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। संवाद