श्रावण पूर्णिमा के मौके पर शनिवार को पवित्र गुफा में छड़ी मुबारक के पहुंचने के साथ ही श्री अमरनाथ यात्रा 2015 संपन्न हो गई। 59 दिन चली इस लंबी यात्रा में 3,52,489 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए।
वर्ष 2014 (3.72 लाख) की तुलना में श्रद्धालुओं का यह आंकड़ा बीस हजार कम रहा। महंत दिपेंद्र गिरी के नेतृत्व में साधुओं का जत्था छड़ी मुबारक के साथ पहुंचा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन एवं राज्यपाल एनएन वोहरा ने बोर्ड अधिकारियों के साथ पवित्र गुफा में अंतिम पूजन में भाग लिया।
वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हुई पूजा के दौरान राज्यपाल ने देश और रियासत की सुख समृद्धि की कामना की। अगले सप्ताह लिद्दर नदी में पूजा और विसर्जन की रस्म अदा करने के बाद छड़ी मुबारक को दशनामी अखाड़ा ले जाया जाएगा।
इस साल यात्रा के दौरान 30 श्रद्धालुओं सहित 41 लोगों की हार्ट अटैक से यात्रा मार्ग पर मौत हुई। इनमें सुरक्षाकर्मी, पौनीवाला और लेबर भी शामिल हैं। पिछले साल 2013 के मुकाबले 22 हजार अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंचे थे।
इस बार जम्मू आधार शिविर भगवती नगर से 30000 श्रद्धालु ही रवाना हुए जो पिछले साल के मुकाबले कई गुणा कम थे। इसका बड़ा कारण जुलाई के अंत में ही पवित्र शिवलिंग के अंतर्धान होना रहा। पर्यटन विभाग जम्मू के निदेशक आरके वर्मा के अनुसार जुलाई के अंत से श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट रही।
इस बीच शनिवार को यात्रा की समाप्ति पर राज्यपाल ने कहा कि अमरनाथ यात्रा में बाढ़, बादल फटने और बंद सड़कें बड़ी चुनौती रहीं। उन्होंने यात्रा को सफल बनाने के लिए सिविल व पुलिस प्रशासन अनंतनाग, गांदरबल जिला, जेएंडके पुलिस, सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेस, सेना और अन्य दूसरी एजेंसियों का आभार जताया।
उन्होंने यात्रा के दौरान विभिन्न कारणों से मारे गए लोगों के परिवारवालों के प्रति संवेदना व्यक्त की। राज्यपाल ने यात्रा की समीक्षा के लिए आगामी 31 अगस्त को बोर्ड अधिकारियों की बैठक बुलाई है।