ज्यौड़ियां। अखनूर स्थित निजी चौधरी क्लीनिक में वीरवार को इंजेक्शन देने से महिला की मौत का मामला दूसरे दिन शुक्रवार को भी गरमाया रहा। मृतका के शव को खौड़ के मुख्य चौक पर रखकर परिवार, रिश्तेदार और स्थानीय लोगों ने फिर जमकर प्रदर्शन किया और क्लीनिक के डॉक्टरों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग करते रहे। इससे खौड़-पलांवाला मार्ग पर यातायात घंटों बाधित रहा। इस दौरान खौड़ बाजार भी बंद रहा।
इलाज में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से खौड़ की महिला अंजू देवी उर्फ राजी देवी की मौत के करीब 24 घंटे बीत गए, लेकिन शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। पीड़ित परिवार वाले क्लीनिक के संचालक डॉ. गफूर तथा उसके बेटे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और क्लीनिक का लाइसेंस रद्द करने की मांग पर अड़े थे। पूरे इलाके के इस घटना को लेकर उबाल है। शुक्रवार की सुबह नौ बजे से लोग शव के साथ खौड़ मुख्य चौक पर जाम लगाकर बैठ गए। प्रदर्शनकारी आरोपी डॉक्टर से मृतका के तीनों बच्चों के लिए पढ़ाई का खर्चा तथा आर्थिक मदद दिलाने की भी मांग कर रहे थे।
प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत करने के मौके पर एसडीएम अनिल कुमार ठाकुर, एसडीपीओ अखनूर अजय शर्मा, थाना प्रभारी खौड़ पंजाब सिंह भी मौके पर पहुंचे, प्रदर्शनकारी टस से मस नहीं हुए। दोपहर एक बार फिर एसडीएम ठाकुर ने मौके पर पहुंच कर लोगों को आश्वासन दिया कि डॉ. गफूर तथा उसके बेटे के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। दोनों को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। तब जाकर लोग शांत हुए और यातायात बहाल किया गया। महिला का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
ज्ञात रहे कि वीरवार को खौड़ की महिला अंजू देवी खांसी-सर्दी का इलाज कराने अखनूर स्थित चौधरी नर्सिंग होम पहुंची। उसे इंजेक्शन लगाया गया। उसके कुछ देर बाद ही महिला की स्थिति बिगड़ गई फिर थोड़ी ही देर में उसकी मौत भी हो गई थी। क्लीनिक में जमकर हंगामा हुआ। डॉक्टरों और परिवार वालों में झड़प हुई। क्लीनिक में तोड़फोड़ भी हुई थी।