जम्मू।जम्मू-कश्मीर रियासत को मल्टी-माडल लाजिस्टिक पार्क प्रोजेक्ट से पांच हजार करोड़ का विदेशी निवेश हासिल होगा। इससे रियासत की अर्थव्यवस्था को पंख लगने की उम्मीद है। रियासत सरकार ने ड्राई पोर्ट के लिए दुबई में दुबई पोर्ट्स के बीच एमओयू साइन किया। यह दोनों का संयुक्त उद्यम होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के क्राउन प्रिंस की मौजूदगी में अबू धाबी के राष्ट्रपति महल में वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू और दुबई पोर्ट्स के सुल्तान अहमद बिन सुलेम ने इस समझौते को अंजाम दिया।
सूचना विभाग से जारी विज्ञप्ति के अनुसार पहले चरण में डेढ़ हजार करोड़ का निवेश पार्क पर होगा, जो अगले पांच साल में पांच हजार करोड़ तक पहुंचेगा। ड्राई पोर्ट जम्मू में सांबा, जबकि कश्मीर में ओमपोरा में बनना प्रस्तावित है। इस साल गर्मियों के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल फिर से ओमपोरा में दौरा करेगा। इसके अमली जामा पहनने के बाद ट्रांसपोर्ट लागत में 20 से 25 फीसदी तक कमी आने की संभावना है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान भी ड्राई पोर्ट का जिक्र किया था।
दुबई पोर्ट्स का कई देशों में कारोबार है। कंपनी भारत में 6 समुद्री टर्मिनल, 6 माल ट्रेनों और पाकिस्तान में दो समुद्री टर्मिनलों की मालिक है। चीन, फिलीपींस, इंडोनेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम, दक्षिण कोरिया और अमरीका में भी कंपनी के समुद्री टर्मिनल हैं।