साल के आखिरी दिन धर्मनगरी कटड़ा में श्रद्धालुओं का जैसे सैलाब उमड़ पड़ा। दिन भर पंजीयन काउंटर पर लंबी कतार लगी रही। शहर में खचाखच भीड़ के कारण बसें अड्डा तक नहीं पहुंच पा रही थी। साल के आखिरी दिन रात नौ बजे तक 53 हजार श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया।
दुनिया भर से यात्रियों के सैलाब को देखते हुए धर्मनगरी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। बसों को शहर से पहले ही रोक कर यात्रियों को उतार दिया जाता रहा। भक्त मुश्किलों की परवाह किए बिना पैदल बाणगंगा की ओर बढ़ रहे थे। चेक पोस्ट पर इतनी भीड़ लगी थी कि कतार आटो स्टैंड से ऊपर तक लगी रही। भवन के ऊपर पर लॉकर रूम और सभी ठहरावों की जगह फुल रही। पिछले साल की तुलना 31 दिसंबर को एक हजार ज्यादा भक्त पहुंचे। पिछले वर्ष 52 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे।
दूसरी तरफ पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार पूरे 2016 में वैष्णो देवी की प्राकृतिक पिंडियों के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या 77 लाख 20 हजार रही। यह आंकड़ा वर्ष 2015 की तुलता में 50 हजार कम है। 2015 में 77 लाख 70 हजार भक्तों ने माता के दर्शन किए थे। आंकड़े बताते हैं पिछले चार वर्षों से वैष्णो देवी की यात्रा में गिरावट ही हुई है।