विजयपुर के रखबरोड़ियां में संभाग के प्रतिष्ठित एम्स जम्मू (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस) के लिए 50 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दी गई है। इसी सत्र से जीएमसी कठुआ में वैकल्पिक व्यवस्था में एम्स के पहले एमबीबीएस बैच को शुरू किया जाएगा।
एम्स की सीटों के साथ जम्मू कश्मीर में एमबीबीएस की 1100 से अधिक सीटें हो गई हैं। हाल ही में जीएमसी डोडा को 100 सीटों की मंजूरी मिली है। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू ने बताया कि एम्स के लिए 50 सीटें मंजूर हो गई हैं।
एम्स के लिए मंजूर हुई सीटों में 12 ओबीसी, 1 ओबीसी (पीएच), 5 ईडब्ल्यू, 21 जनरल, 1 जनरल (पीएच), 7 एससी, 3 एसटी एमबीबीएस सीटें शामिल हैं। जीएमसी कठुआ में पहले बैच को शुरू करने के लिए सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के साथ समझौता पत्र पर पहले ही हस्ताक्षर किए हैं। जीएमसी कठुआ के मुख्य भवन का निर्माण नवंबर के अंत तक मुकम्मल करने का लक्ष्य रखा गया है जिससे अस्थायी व्यवस्था में पहले बैच को शुरू किया जाएगा।
एम्स प्रोजेक्ट को 22 फरवरी 2020 में शुरू किया गया था और तीस माह के अंतराल में इसे 21 अगस्त 2022 को मुकम्मल करने का लक्ष्य रखा गया है। एम्स जम्मू के लिए एम्स ऋषिकेश मेंटर संस्थान के तौर पर काम कर रहा है।
एम्स जम्मू के लिए एमओएचएंडएफडब्ल्यू की ओर से एचईएफए (उच्च शिक्षा वित्तीय एजेंसी) के माध्यम से धनराशि उपलब्ध करवाई जा रही है। पहले चरण में एम्स के लिए मंजूर हुई 1661 करोड़ रुपये की राशि में 1404 करोड़ रुपये सी/ओ मेडिकल कालेज और अन्य ढांचा व 257 करोड़ रुपये की राशि चिकित्सा उपकरण व फर्नीचर के लिए रखी गई है।
अस्पताल ढांचे में यह शामिल होगा
अस्पताल ढांचे में 750 बेड की क्षमता, 1 बेसमेंट सहित जी प्लस 6 स्टोरी, छह टावरों का कंबिनेशन, 1 ओपीडी, 2 आईपीडी, 1 इमरजेंसी, 1 डायग्नोस्टिक, 1 प्रशासनिक, एमआरआई प्रावधान, सीटी, न्यूक्लियर मेडिसन, मॉड्यूलर ओटी, आईसीयू, सुपर स्पेशियलिटी विभाग, ओपीडी, ट्रॉमा बेड के अलावा प्रशासनिक भवन में मेडिकल कालेज (100 विद्यार्थी हर साल) व नर्सिंग कॉलेज (60 विद्यार्थी हर साल), 1000 बैठने की क्षमता वाला सभागार शामिल है।