उड़ी हमले के बाद कश्मीर घाटी में सेना और सरकार आतंकवाद को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है । मंगलवार को उड़ी सेक्टर में ही सेना ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आतंकियों को ढेर कर दिया। वहीं दूसरी ओर कश्मीर के नौगाम सेक्टर में चार-पांच आतंकियों से मुठभेड़ जारी है। इस दौरान एक जवान के शहीद होने की खबर है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी मुताबिक उड़ी सेक्टर के लक्षीपोरा इलाके में एलओसी पर 12 से 15 आतंकियों का ग्रुप घुसपैठ कर रहा था। इसी दौरान एलओसी पर मुस्तौद जवानों ने उनको ललकारा और समर्पण करने को कहा ।
इस पर आतंकियों ने जवानों पर गोलाबारी शुरू कर दी। पहले से सतर्क जवानों ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। सेना की जवाबी कार्रवाई में 10 आतंकियों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है हालांकि सेना की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं की गई है।
#FLASH Two more terrorists killed by Army in Lachipura area of Jammu and Kashmir's Uri sector. Total 10 terrorists killed.
नौगाम में पांच आतंकियों को सेना ने घेरा
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उड़ी में घुसपैठ कर रहे अन्य आतंकियों को ढेर करने के लिए सेना ने पूरे इलाके को घेर कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक सेना के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वहां पर अतिरिक्त टुकड़ी भेजने का फैसला लिया है।
गौरतलब है कि मंगलवार दोपहर को उड़ी सेक्टर में सीजफायर की खबर आ रही थी लेकिन सूत्रों के मुताबिक इलाके में आतंकियों और सेना के बीच गोलाबारी हुई है।
वहीं दूसरी ओर सेना को नौगाम इलाके में चार से पांच आतंकियों के छिपे होने के खबर मिली और सेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान आतंकियों ने जवानों पर गोलाबारी शुरू कर दी। आतंकियों की गोली लगने से एक जवान शहीद हो गया। इलाके में सेना का ऑपरेशन अभी भी जारी है।
गृह सचिव ने की सुरक्षा समीक्षा
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वहीं उड़ी हमले के बाद रियासत के सुरक्षा हालात जानने श्रीनगर पहुंचे केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने राज्यपाल एनएन वोहरा और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मुलाकात की। सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव ने सुरक्षा एजेंसियों के आला अफसरों के साथ बैठक की। हालात को लेकर मालुमात हासिल करने के बाद जरूरी हिदायतें भी जारी कीं।
उड़ी में सेना पर आतंकी हमले के दो दिन बाद घाटी पहुंचे महर्षि ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ कश्मीर हिंसा को लेकर भी विस्तार से चर्चा की। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि समीक्षा बैठक के दौरान वरिष्ठ अफसरों ने आतंकवाद और कायदा कानून से जुड़ी स्थिति से केंद्रीय गृह सचिव को अवगत करवाया।