सोमवार को एक बार फिर जिले में भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर बनी चक्का दा बाग की राह-ए-मिलन खोली गई। वहां से अपनों से मिल कर अथवा अपनों से मिलने के लिए 43 भारत-पाक नागरिक आर-पार हुए।
इस मौके पर पुंछ स्पोर्ट्स स्टेडियम, जहां से पुंछ-रावलाकोट बस चलती है, वहां सुबह अपनों से दोबारा बिछुड़ने के गम में सैकड़ों आंखें छलक आईं।
पिछले हफ्ते की ही तरह सोमवार दोपहर करीब 11 बजकर 50 मिनट पर पुंछ जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर चक्का दा बाग की राह-ए-मिलन खोली गई।
सर्वप्रथम पुंछ-रावलाकोट बस में सवार होकर 12 लोग पाक अधिकृत क्षेत्र गए। इनमें सभी 12 लोग पाक नागरिक भारत में अपने रिश्तेदारों के पास एक महीना बिताकर वतन लौटे।
वहीं पाक अधिकृत क्षेत्र से रावलाकोट-पुंछ बस में सवार होकर 31 लोग चक्का दा बाग की राह-ए-मिलन पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचे। इनमें से 29 पाक नागरिक पहली बार भारत में बसे अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए आए, जबकि दो भारतीय नागरिक पीओके में अपने रिश्तेदारों के पास एक महीना बिताकर घर लौटे।
इससे पहले सुबह 9 बजे से ही नगर स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में बड़ा ही मार्मिक माहौल बना हुआ था। वहां बरसों बाद अपने रिश्तेदारों से दोबारा बिछुड़ने के गम में आंसू बहाते हुए लोग गले मिलकर विदाई दे रहे थे।