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2014 से बढाई गई फीस निजी स्कूलों के लिए पड़ेगी महंगी

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कठुआ। निजी स्कूलों द्वारा वर्ष 2014 के बाद की गई फीस बढ़ोत्तरी का ब्यौरा शिक्षा निदेशालय ने तलब किया है। बिना अनुमति की गई फीस बढ़ोत्तरी अब निजी स्कूलों को नौ फीसदी सूद समेत अभिभावकों को लौटानी होगी। फीस फिक्सेशन कमेटी की बिना अनुमति की गई फीस बढ़ोत्तरी अब निजी स्कूलों को महंगी पड़ने वाली है। शिक्षा निदेशालय स्कूलों से वर्ष 2014 और इसके बाद वसूली जा रही फीस का ब्यौरा लेने में जुट है। शिक्षा निदेशालय ने अभिभावकों को भी कहा है कि ऐसे किसी भी मामले की वो शिकायत कर सकता हैं, जिसका संज्ञान लिया जाएगा।
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शिक्षा निदेशक जम्मू अनुराधा गुप्ता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की ओर से निर्देश आए हैं। सीबीएसई के स्कूलों ने कोर्ट से गुहार लगाई थी जिसके आधार पर कोर्ट की ओर से निर्देश मिले हैं। वर्ष 2014 की फीस को आधार बनाकर स्कूलों से ब्यौरा मांगा गया है जो मिलना भी शुरू हो गया है। इसे चेक किया जाएगा और स्कूलों को बिना अनुमति की ली गई फीस अभिभावकों को नौ फीसदी सूद समेत लौटानी होगी। उन्होंने बताया कि राज्य में सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड या फिर जम्मू-कश्मीर राज्य शिक्षा बोर्ड के स्कूलों में जम्मू-कश्मीर स्कूल एजूकेशन एक्ट लागू होगा। उन्होंने बताया कि फीस फिक्सेशन कमेटी के पास स्कूल अपनी फीस का स्ट्रक्चर बताकर अनुमति लेते हैं और यदि किसी अभिभावक को कोई शिकायत हो तो वह विभाग में शिकायत दर्ज करवा सकता है।
स्कूल बैग के बोझ को कम करने के लिए काम जारी
शिक्षा निदेशक जम्मू अनुराधा गुप्ता के अनुसार कोर्ट ने स्कूल बैग बोझ को कम करने के लिए भी जम्मू कश्मीर राज्य शिक्षा बोर्ड को लिखा है, जिस पर भी काम किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिना जरूरत की अतिरिक्त किताबों को बोझ बच्चों पर न डालें। उन्होंने कहा कि बताई गई दुकानों या स्कूल से ही किताबें, नोटबुक या यूनिफार्म खरीदने के लिए स्कूल, अभिभावकों को फोर्स नहीं कर सकते। शिक्षा विभाग ने इसके लिए जांच कमेटियां बनाई हैं। वह नियमित औचक जांच कर रही हैं। अभिभावक ऐसे किसी मामले की भी शिकायत कर सकते हैं।
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