उधमपुर। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही सेना और पुलिस ने आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की सहायता की भी जिम्मेदारी संभाल ली है। इसी को लेकर शनिवार को पुलिस, सेना और एसडीआरएफ ने संयुक्त रूप से गरनई इलाके में आपरेशन मेघ राहत के तहत मॉक ड्रिल किया। इस दौरान जिला विकास आयुक्त रविंद्र कुमार विशेष तौर पर मौजूद थे।
अमरनाथ यात्रा के दौरान किसी तरह की दुर्घटना, भूस्खलन, बाढ़ व अन्य आपात स्थिति में किस तरह श्रद्धालुओं की सहायता की जा सकती है, इसका अभ्यास सुबह करीब नौ बजे गरनई में किया गया। एसडीआरएफ ने दुर्घटना जैसे हालात बनाए फिर सेना और पुलिस के जवानों ने घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने का अभ्यास किया।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुविधाओं का रखा जाएगा पूरा ख्याल
सेना के मेडिकल आफिसर ने बताया कि कोई दुर्घटना होने पर किस प्रकार घायल को फर्स्ट एड की सुविधा प्रदान करनी है। जिला विकास आयुक्त रविंद्र कुमार ने कहा कि अमरनाथ यात्रा के दौरान 51 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा उधमपुर से होकर आगे बढ़ेगी। इस दौरान यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा। इसी को लेकर मॉक ड्रिल भी किया गया। इससे सेना, पुलिस व एसडीआरएफ के जवानों को काम करने में काफी मदद मिलेगी। इस मौके पर एडीसी कृष्ण लाल, एएसपी सुभाष डोगरा, एएसपी फैजल कुरैशी व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
जान बचाने में मदद करने वाले उपकरणों की लगाई प्रदर्शनी
एसडीआरएफ ने आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने में मदद करने वाले उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई। एसडीआरएफ के सदस्यों ने डीसी व सेना के अधिकारियों को उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब भी कोई आपात स्थिति बनती है एसडीआरएफ की पूरी टीम इन उपकरणों को साथ लेकर मौके पर पहुंचती है।