राज्य में 300 सरकारी बसें चल रही हैं। जबकि राज्य की आबादी करीब एक करोड़ 20 लाख के आसपास है। ऐसे में 40 हजार लोगों पर एक सरकारी बस चलती हैं। आधी बाहरी राज्यों के लिए चलती हैं।
जम्मू शहर में एसआरटीसी की एक भी बस नहीं चलती। जम्मू से पुंछ, राजोरी, डोडा, किश्तवाड़, रियासी, के लिए एक-एक बस चलती है। श्रीनगर के लिए 25 बसें चलती हैं। श्रीनगर से आसपास के जिलों को कोई बस नहीं चलती है।
निगम के पास मौजूदा समय में स्थायी और अस्थायी चालकों की संख्या 970 के करीब है। इनमें से सवा सौ चालक ऐसे हैं, जो अनफिट हैं। इन चालकों की नजर कम हो गई है और शरीर भी साथ नहीं देता।
इसके बावजूद चालक बसें चला रहे हैं। विडंबना यह भी है कि चालकों के प्रमोशन के लिए कोई नियम नहीं है। वह चालक के तौर पर भर्ती होते हैं और चालक के तौर पर ही रिटायर हो जाते हैं।