इस बीच भारतीय पर्यटन विकास निगम के स्वामित्व वाले होटल संतूर ने गृह विभाग को 90 दिनों की अवधि का 2.65 करोड़ रुपये का बिल भेजा है। यह बिल होटल में रखे गए राजनीतिक बंदियों के लिए दिया गया है। इस बीच प्रशासन ने होटल के बिल को मानने से इनकार कर दिया है।
प्रशासन का दावा है कि होटल को पांच अगस्त को एक सहायक जेल में तब्दील कर दिया गया था। अत: इसका भुगतान सरकारी दर से किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन द्वारा मंजूर की गई दरों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 800 रुपये का खर्च आएगा जबकि होटल इसके लिए 5000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वसूलता है।