जम्मू। शहर के बस स्टैंड पर ग्रेनेड हमले के बाद भी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था बेहद लचर दिखी। पूरे परिसर में यात्रियों के बीच संदिग्ध की पहचान के लिए पुलिसकर्मी चौकन्ने नहीं दिखे। यहां तक इंदिरा चौक से बीसी रोड के बीच गिनती के सुरक्षाकर्मी दिखाई दिए। इसमें भी सीआईएसएफ ही नजर आई। दोपहर तक बस स्टैंड के दोनों मुख्य गेट पर लोग बिना जांच के आते-जाते दिखे।
बस स्टैंड पर शनिवार को भी लोगों में धमाके और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं होती सुनाई दीं, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने पर लोगों ने पुलिस और प्रशासन को कोसा। बस स्टैंड की प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर आदि जांच उपकरण अभी तक नहीं लगाए गए हैं। न ही संदिग्धों की पहचान या जांच के लिए किसी पुलिस की तैनाती की गई।
नहीं की जा रही चेकिंग
बस स्टैंड पर पहुंचे यात्री शब्बीर ने बताया कि हमले की सूचना मिलने के बाद यहां से यात्रा करने में भी डर लग रहा है। लेकिन काम के लिए आने-जाने का आम लोगों को पास और कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने बताया कि अमूमन यात्री बसों में बैठते वक्त खुद ही अपने आसपास संदिग्ध वस्तु न हो, इसकी जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह काम सुरक्षा बलों और पुलिस का है। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी बसों और स्टैंड पर कोई सतर्कता नहीं बरती जा रही है। किसी प्रकार की जांच नहीं होने से ही आतंकी इस जगह को निशाना बना रहे हैं।
थाना है, पर सुरक्षा नहीं
बस स्टैंड में ही पुलिस थाना है, लेकिन शनिवार की दोपहर को केवल दो-तीन सिपाही ही नजर आए। सुरक्षा के लिहाज से उनके पास सिर्फ लाठी थी।
दुकानदारों के भरोसे पुलिस
बस स्टैंड में वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी परिसर में मौजूद दुकानदार के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पकड़ गया। बड़ी बात यह है कि परिसर में पुलिस व प्रशासन ने मुख्य जगहों पर कैमरे नहीं लगाए हैं। इससे पहले दो बार अंजाम दी गई वारदात के दौरान आरोपी के सुराग नहीं मिल सके थे।
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घायल की दुकान बंद
धमाके में गंभीर रूप से घायल हुए सतपाल की दुकान शनिवार को भी बंद रही। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि फिलहाल उसका पूरा परिवार अभी इस घटना से सदमे में है।
वर्जन (फोटो...साहिल शर्मा)
शनिवार और रविवार को बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ ज्यादा होती है। इसके बावजूद भी कोई चेकिंग अभियान नहीं चलाया जा रहा है। इसके चलते ही वारदात अंजाम देने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं।
-साहिल शर्मा, दुकानदार
वर्जन (फोटो...महेश जमवाल)
बस स्टैंड पर हमले का खौफ अब भी महसूस किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था का खस्ताहाल देखकर हमारा डर और भी बढ़ जाता है। यहां पर संदिग्धों की पहचान के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए।
-महेश जमवाल, दुकानदार