घाटी में दो माह से ज्यादा पत्थरबाजों ने हिंसा को जारी रखा है। हिंसा में क्षतिग्रस्त ट्रक और टैंकरों की संख्या तीन सौ के करीब पहुंच गई है। इसके अलावा 150 के आसपास चालक और कंडक्टर जख्मी हो चुके हैं, जिन्हें अभी तक कोई मुआवजा या राहत नहीं मिली है।
टैंकर यूनियन के पदाधिकारी कई बार डिवकॉम और पुलिस के आला अधिकारियों से मिल चुके हैं। गुस्साए प्रदर्शनकारियों के लिए टैंकर सबसे आसान निशाना बने हुए हैं। श्रीनगर, बिजबिहाड़ा, साउथ कश्मीर, सोपोर, बांदीपोरा और अनंतनाग में सबसे ज्यादा हमले हुए।
प्रदर्शनकारियों ने शुरुआत दिनों में पौने दो सौ तक टैंकरों पर पत्थरों से हमले करके उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके साथ ही 100 से ज्यादा चालक भी जख्मी हो गए।