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जम्मू-कश्मीर में 30 से 32 बड़े नेता ही हिरासत में, स्थिति अनुकूल होते ही शुरू होगा इंटरनेट: राम माधव

Fri, 27 Dec 2019 03:41 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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राम माधव - फोटो : फाइल, एएनआई
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जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा कि प्रदेश में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से बड़ी संख्या में नेताओं को हिरासत में रखा गया था। मगर चार महीने बीत जाने के बाद मात्र 30-32 बड़े नेता ही नजरबंद और हिरासत में हैं। साथ कुछ और अराजक तत्व भी बंद हैं जिनकी कुल संख्या 100 से भी कम है। 
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शुक्रवार को जम्मू में प्रेस वार्ता करते हुए राम माधव ने कहा कि आज कारगिल में मोबाइल इन्टरनेट सेवा शुरू कर दी गई है। जल्द ही जम्मू और कश्मीर में भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं स्थिति अनुकूल होते ही शुरू कर दी जाएंगी।

राम माधव ने गुरुवार को श्रीनगर में कहा था कि नागरिकता संशोधन विधेयक तथा एनआरसी किसी भी मजहब के खिलाफ नहीं है। विपक्ष अनावश्यक रूप से इस पर बवाल मचा रहा है। हर लोगों के अधिकार सुरक्षित हैं। एक दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे माधव ने पत्रकारों से कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है।
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साथ ही धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को मानने वाला राष्ट्र है। इसमें किसी को भी तनिक सशंकित होने की जरूरत नहीं है। विपक्ष अनावश्यक रूप से इस मसले का निहित स्वार्थ के लिए राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहा है। केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि यह किसी मजहब के खिलाफ नहीं है। इसके बाद भी विपक्ष इस मामले को तूल दे रहा है। समाज को बांटने की कोशिसें की जा रही हैं। 
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उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद अब घाटी में माहौल पूरी तरह से सामान्य है। लोग अपने कामकाज में जुटे हुए हैं। दुकानें सामान्य रूप से खुल रही हैं। कहीं भी कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं है। विशेष दर्जा समाप्त होने के बाद आतंकवाद, अलगाववाद तथा पत्थरबाजी पर रोक लगी है। अब लोग विकास चाहते हैं। 

सरकार का भी पूरा ध्यान राज्य के विकास पर है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि पांच अगस्त से बंद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को धीरे-धीरे छोड़ा जाएगा। इसका फैसला स्थानीय प्रशासन स्थिति का आकलन करने के बाद करेगा। पहले भी कुछ नेताओं को रिहा किया जा चुका है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है। 
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