शुक्रवार को जम्मू एयरपोर्ट से एक भी निजी विमान न उड़ने के उपरांत शनिवार को विमान सेवाएं शुरू तो हुईं, लेकिन यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई पैसेंजर यात्रा से वंचित रहे।
उन्होंने संबंधित विमान कंपनियों के काउंटर पर जमकर रोष जताया। उनका कहना था कि टिकट होने के बावजूद उन्हें यात्रा से वंचित रखा गया।
बताया जाता है कि एयरलाइंस कंपनियों और भारतीय वायुसेना के बीच हुए समझौते के तहत विमान कंपनियों को निर्देश दिए गए थे कि वह एक सीमित लोड में ही विमान जम्मू एयरपोर्ट पर उतारेंगे।
ताकि रनवे पर उसका असर नहीं पड़े। इसी क्रम में भारी सामानों के साथ कुछ यात्रियों को भी विमान के लिए बोर्डिंग पास जारी नहीं किए गए। जम्मू एयरपोर्ट के डायरेक्टर डीके गौतम ने बताया कि शनिवार को सभी 16 विमानों ने उड़ान भरी।
डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) से जारी निर्देशानुसार विमान कंपनियों को एक सीमा तक लोड रखने को कहा गया था। इसे पालन करने के लिए उन्हें मशक्कत करनी पड़ी।