श्री अमरनाथ यात्रा के प्रबंधों के लिए सुरक्षाबलों को तीन तरह की चुनौतियों से निपटना होगा। इनमें घाटी के पत्थरबाज, खराब मौसम और आतंकी शामिल हैं। तीनों में एक भी आसान नहीं है। यात्रा के शुरू होने से खत्म होने तक इनसे निपटने के लिए व्यापक इंतजाम करने होंगे। हालांकि, इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
इन तीनों परिस्थितियों को देखते हुए ही केंद्र इस बार एडवांस में सुरक्षाबलों को तैनात करने के लिए भेजने की तैयारी कर चुका है। जम्मू के भगवती नगर से श्री अमरनाथ यात्रा के लिए जत्थों को रवाना किया जाएगा। यह जत्थे जम्मू से बालटाल और पहलगाम रूट से होकर पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए 400 किलोमीटर तक का हाईवे का सफर तय करना पड़ेगा।
जहां आतंकवाद एक बड़ी चुनौती होगी। पिछले एक साल में नगरोटा, उधमपुर, अनंतनाग हाईवे पर आतंकी हमले हो चुके हैं। जबकि उधमपुर से लेकर रामबन तक हाईवे पर कई जगह पस्सियां गिरने का सिलसिला बरसात से पहले ही शुरू हो चुका है। अनंतनाग से लेकर सोनमर्ग तक यात्रियों को पत्थरबाजों से भी बचाना होगा। क्योंकि मौजूदा समय में घाटी में जम्मू से जाने वाले वाहनों पर भी पत्थर बरसाए जा रहे हैं। जबकि यात्रा जाने पर यह सिलसिला जारी रहने की आशंका है।
तीनों ही परिस्थितियां गंभीर हैं और इस पर एक बड़ी रणनीति के तहत काम करना होगा। सूत्रों का कहना है कि अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड, राज्य पुलिस, अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर इस पर रणनीति बना ली है। इसके तहत की काम किया जाएगा। डीजीपी एसपी वैद कई बार कह चुके हैं कि यात्रा को सफल बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।