10 हजार अतिरिक्त जवानों की घाटी में तैनाती के एक हफ्ते के भीतर ही 28 हजार और जवानों की तैनाती जम्मू-कश्मीर में हो रही है। इन जवानों को जम्मू और कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार 2018 से लेकर अबतक राज्य में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक कर्मियों की संख्या बढ़कर 75,000 हो गई है।
पिछले साल अक्टूबर में नगर पालिका चुनाव शुरू होने से पहले 40,000 सीआरपीएफ जवानों की तैनाती हुई थी। सीआरपीएफ को नवंबर और दिसंबर में पंचायत चुनाव, मई 2019 में लोकसभा चुनाव और 1 जुलाई से शुरू होने वाली 45 दिवसीय अमरनाथ यात्रा के लिए रोका गया था।
इससे पहले गृह मंत्रालय ने कहा था कि कश्मीर में अतिरिक्त 10,000 अर्धसैनिक बल के जवानों की तैनाती “जवाबी कार्रवाई के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए गई थी।"
भारी संख्या में अतिरिक्त जवानों की तैनाती को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी हुई। इस दौरान यह भी कहा गया कि केंद्र की भाजपा सरकार राज्य पर कुछ बड़े निर्णय लेने की योजना बना रही है। अफवाहें फैलीं कि अतिरिक्त बलों को कश्मीर लाने के पीछे भाजपा ने संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35-ए को रद्द करने की योजना बनाई है।