रेटले पावर प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को किश्तवाड़-बटोत राष्ट्रीय राजमार्ग को द्राबशाला के पास बंद कर प्रोजेक्ट पर काम कर रही जीवीके और एलएंडटी कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सुबह आठ बजे से दोपहर बाद दो बजे तक प्रदर्शन चलता रहा। बाद में डीसी के आदेश पर पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। खबर लिखे जाने तक सभी को द्राबशाला पुलिस पोस्ट पर ही रखा गया था।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व पीडीपी के युवा नेता उमर मलिक कर रहे थे, जिन्हें वर्करों ने अपना प्रधान भी चुना है। उन्होंने बताया कि हमारी तीन मांगें हैं। बताया कि पिछले डेढ़ माह से प्रोजेक्ट पर काम बंद रखा गया है। अगर एलएंडटी यहां से भागना चाहती है तो कम से कम यह लिख कर दें कि जिन जमींदारों की जमीन प्रोजेक्ट में आई है, उन्हें कंपनी वेतन भी दे और आगे के लिए भी काम में लगाएंगे।
उन्होंने बताया कि यह कंपनी यहां पर काम करने में असफल रही है। करीब 550 वर्कर को यहां लगाया गया था, जिन्हें बिना बताए काम बंद कर दिया गया। जीवीके कंपनी ने अपने आगे इस कंपनी को काम दिया था, लेकिन वह नहीं कर रही है।
कंपनी के भागने की भनक मिलने पर मजदूर डीसी जावेद अहमद खान के पास गए थे, लेकिन उन्होंने मजदूरों की अनसुनी कर दी। इसके चलते धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रोजेक्ट पर काम फिर से शुरू करने की मांग की। यहां भी मांग की गई कि काम से निकाले जाने पर छह माह का वेतन दिया जाए। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर पुलिस ने करीब 250 मजदूरों को हिरासत में लिया।