माता के दर्शन के लिए भवन की तरफ जाते भक्त
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भीषण गर्मी और बिजली कटौती का असर वैष्णो देवी यात्रा पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। वर्तमान में हर दिन 20-25 हजार भक्त मां वैष्णो देवी के दरबार में शीश झुकाने के लिए पहुंच रहे हैं। पंजीकरण कक्ष के अनुसार वीरवार को ऑनलाइन सहित 22264 भक्त मां वैष्णो देवी के दरबार में माथा टेकने के लिए पहुंचे थे। शुक्रवार को भी करीब इतने ही भक्तों ने ही पंजीकरण करवा कर भवन की ओर प्रस्थान किया था। हेलिकॉप्टर, बैटरी कार सेवा दिनभर जारी रही।
अक्षय तृतीया तीन मई को, अपनी राशि के अनुसार करें दान-पुण्य
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर साल वैशाख मास शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इस बार अक्षय तृतीया पर्व मंगलवार तीन मई को है। मंगलवार सुबह 5:19 बजे से शुरू होकर बुधवार सुबह 7:33 बजे यह पर्व समाप्त होगा। इस दिन अपनी राशि के अनुसार दान-पुण्य करना फलदायी होगा। देव-पितृ तर्पण यज्ञ, होम दान आदि कर्म करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। मंगलवार को रोहिणी नक्षत्र और शोभन योग की वजह से मंगल रोहिणी योग बन रहा है।
इस बार की अक्षय तृतीया का विशेष महत्व होगा
अक्षय तृतीया के दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृष, शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में, शनि अपनी स्वराशि कुंभ में, जबकि बृहस्पति स्वराशि मीन में मोजूद होंगे। इस वजह से इस बार की अक्षय तृतीया का विशेष महत्व होगा। इस दिन श्री गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती, श्री लक्ष्मीनारायण, श्री परशुराम और कुबेर जी की पूजा कर जरूरतमंदों को दान दें।
मां लक्ष्मी की कृपा सदैव घर पर बनी रहेगी
महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि इस दिन किसी जरूरतमंद को घी, शक्कर, अनाज, फल, सब्जी, इमली, कपड़े, अनाज, मिट्टी का घड़ा, फल आदि का दान देना चाहिए। इस दिन लाल रंग के कपड़े में 11 कौड़ियां बांधकर पूजाघर में रखने से मां लक्ष्मी की कृपा सदैव घर पर बनी रहती है।
स्वर्णकारों को अक्षय तृतीया पर कारोबार चमकने की उम्मीद
अक्षय तृतीया के दिन लोग सोना-चांदी, बर्तन, नया वाहन, जमीन, नया मकान खरीदने के साथ गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य करते हैं। इस दिन खरीदे गए आभूषण एवं सामान शाश्वत समृद्धि के प्रतीक हैं। कोरोना के बीच ठप पड़े स्वर्ण कारोबार के चमकने की भी स्वर्णकारों को उम्मीद है।