जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में बिना छुट्टी लिए ड्यूटी से गायब चल रहे 22 डॉक्टरों को सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। इसमें कंसलटेंट पैथोलॉजी, कंसलटेंट एनेस्थीसिया, कंसलटेंट पीडियाट्रिक्स, एमडी रेडियोलॉजी, डेंटल सर्जन और मेडिकल आफिसर शामिल हैं। उपराज्यपाल प्रशासन में स्वास्थ्य विभाग में गैरहाजिर डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त करने का यह पहला फैसला हुआ है।
स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू और कश्मीर की ओर से मार्च, 2019 को गैरहाजिर डॉक्टरों की जानकारी दी गई थी। दोनों निदेशालय की ओर से गैरहाजिर डॉक्टरों को कइ बार नोटिस जारी किए गए।
इसमें 19 जुलाई, 2019 को ऐसे 33 डॉक्टरों को 15 दिन में नियुक्ति वाले स्थान पर रिपोर्ट करने को गया। इसके बाद दोनों निदेशालय ने दिसंबर, 2019 में 22 गैर हाजिर डॉक्टरों की जानकारी दी गई। अब नियमों का हवाला देते हुए इन सभी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
बर्खास्त किए गए डॉक्टरों में कंसलटेंट पैथोलॉजी डॉ. फरहत मुस्तफा निवासी श्रीनगर, कंसलटेंट एनेस्थीसिया डॉ. अरफत वाहिद, भद्रवाह (डोडा), कंसलटेंट पीडियाट्रिक डॉ. जावेद इकबाल (डोडा), मेडिकल आफिसर डॉ. बिलाल अहमद (पायर), डॉ. रईस अहमद भट्ट, डॉ. रईस नूर खान, डॉ. मलिक रमीज (अनंतनाग), डॉ. शाहनवाज, डॉ. तोबा निसार, डॉ. शेख इमरान गुल, डॉ. फरहनाज महराज (श्रीनगर), डॉ. बिलाल अहमद डार (पट्टन), डॉ. हिलाल अहमद माला, डॉ. अशहाक यूसुफ लोन (बारामुला), डॉ. अदनान जहूर (बरजुला) और डॉ. मो. अबरार भट्ट (पंपोर) हैं।
बर्खास्त किए गए डॉक्टरों में जम्मू के डॉ. शिवेत शर्मा, डॉ. श्वेता, डॉ. राकेश पंजोत्रा, डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. रोहित राज निवासी, उधमपुर के डॉ. मोहम्मद जावेद बांडे भी शामिल हैं।