कठुआ। वेतन बढ़ोतरी की मांग पर कई दिनों से धरने पर बैठीं आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों ने शुक्रवार को फिर सरकार के मंत्रियों और विधायकों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब भी मंत्रियों या विधायकों को अपने कार्यक्रमों में भीड़ इकट्ठा करनी होती है तो आंगनबाड़ी वर्करों को बुलाया जाता है।
उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि हमें भीड़ बढ़ाने और ताली बजाने के लिए ये नेता इस्तेमाल करते हैं। ड्रीमलैंड पार्क में धरना-प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स ने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारा काम तालियां बजाना नहीं है। जल्द सरकार आंगनबाड़ी वर्कर्स की वेतन वृद्धि करे नहीं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
आंगनबाड़ी वर्कर्स-हेल्पर्स यूनियन के सदस्यों ने कहा कि वह मंत्रियों नेताओं के कार्यक्रमों में तालियां बजाने के लिए वेतन में वृद्धि की मांग नहीं कर रही हैं। उनका अपना काम है और उसी के लिए वह वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रही हैं। सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है। मात्र 3600 रुपये में सरकार उनसे कई प्रकार के काम लेती है।
सरकार ने उन्हें बंधुआ मजदूर बनाकर रखा है। जब भी किसी मंत्री को अपने किसी कार्यक्रम में भीड़ दिखानी होती है तो उन्हें बुलाया जाता है और इसके लिए आदेश भी आते हैं। उन्होंन ेकहा कि मंत्रियों के कार्यक्रमों में तालियां बजानी हो तो आंगनबाड़ी वर्कर याद आती हैं और जब वेतन बढ़ाने की मांग वह पिछले 19 दिनों से कर रही हैं तो किसी मंत्री को उनकी याद नहीं आ रही है। उन्होंने ऐसे में मंत्रियों को अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए जो इस प्रकार ड्रामा कर वोट लेते हैं और कुर्सी मिलने के बाद सब भूल जाते हैं।