सोपोर में एक के बाद एक छह लोगों की हत्या में शामिल दो वांटेड आतंकियों पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। शहर में मंगलवार को पुलिस की ओर से 20 लाख के इनाम वाले पोस्टर चिपकाए गए।
पोस्टर में अब्दुल कयूम नजर तथा इम्तियाज अहमद कांडू के नाम दिए गए हैं। माना जा रहा है कि ये हिजबुल मुजाहिदीन के सुप्रीमो सैयद सलाहुदीन की सरपरस्ती में आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। वे लश्कर-ए-इस्लाम के नाम से छद्म आतंकी संगठन चला रहे हैं।
पिछले तीन सप्ताह में अलगाववादियों तथा पूर्व आतंकियों सहित छह लोगों की हत्या में इनका नाम आ रहा है। इम्तियाज अहमद कांडू सोपोर क्रालटेंग का रहने वाला है जबकि दूसरा अब्दुल कयूम नजर सोपोर के मुमकाक इलाके का निवासी है।
पहले भी लगाए गए थे पोस्टर
पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार इम्तियाज हिजबुल मुजाहिदीन का डिविजनल कमांडर है और पिछले कई वर्षों से इलाके में सक्रिय है। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी सितंबर-2013 में पुलिस द्वारा सोपोर में पोस्टर लगाए थे और लोगों से इम्तियाज को पकड़वाने में मदद की अपील की थी।
पुलिस द्वारा इस बार लगाए गए पोस्टरों में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और पीसीआर सोपोर के फोन नंबर छापे गए हैं ताकि जानकारी हासिल की जा सके। यह भी कहा गया है कि जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। उधर, उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में लगातार हो रही हत्याओं के विरोध में मंगलवार को सोपोर दूसरे दिन भी बंद रहा।
इलाके में तनाव, पुलिस पर पथराव
इस दौरान सैकड़ों युवाओं ने सोपोर पुलिस थाने के करीब पुलिस पर पत्थर बरसाए। गुस्साए युवकों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे गए। यह सिलसिला रुक-रुक कर दिन भर जारी रहा।
सोपोर के कई अन्य इलाकों में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत देखने को मिली। बंद के चलते सभी दुकानें, कारोबारी प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान बंद रहे और सड़कों से वाहन गायब रहे।
इलाके में हिंसक प्रदर्शन से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया था। कई जगहों पर तो सेना के जवान भी तैनात रहे। पुलिस द्वारा इलाके में कई जगहों पर नाके भी गाए गए। संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली गई।
आतंकियों की सूचना पर घेराबंदी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) सोपोर और सीआरपीएफ द्वारा इलाके में आतंकियों की सूचना मिलने पर सोमवार देर रात गए सोपोर के नूरबाग इलाके की घेराबंदी की थी। रात भर तलाशी अभियान जारी रहा और मंगलवार दोपहर को ऑपरेशन स्थगित किया गया।
पूर्व आतंकियों का सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन
स्थानीय लोगों के चेहरों पर खौफ है। ऐसा लगता है मानो इलाके को सेना के हवाले किया गया हो। चारों ओर वर्दी में जवान पेट्रोलिंग करते दिखाई दे रहे हैं। वे लोग जो कभी किसी आतंकी संगठन से जुड़े हुए थे, सोपोर से सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं।