जम्मू। 25 प्रतिशत की कमी को चालू जल योजनाओं को पूरा करके दूर किया गया है। दिसंबर 2019 तक अतिरिक्त 18 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) पानी की क्षमता बढ़ाई जाएगी। राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने मंगलवार को जम्मू संभाग में गर्मी के दौरान जलापूर्ति की स्थिति की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
राज्यपाल को सूचित किया गया कि जलापूर्ति की कमी का सामना करने वाले संवेदनशील और महत्वपूर्ण क्षेत्रों की मैपिंग करने के निर्देश पहले ही दिए गए हैं। इससे निपटने के लिए व्यापक कार्य योजना तैयार की गई। निर्णय लिया गया कि पूरे संभाग में पानी के टैंकर की आपूर्ति को सुदृढ़ किया जाना चाहिए। आपात स्थिति से निपटने के लिए इस साल मई के अंत तक मशीनरी और ट्रांसफार्मर की स्थापना की जाएगी। विभाग को पानी की आपूर्ति करने वाले पानी के टैंकरों पर जीपीएस प्रणाली स्थापित करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
महत्वपूर्ण स्टेशनों को पानी की आपूर्ति के लिए 66 समर्पित फीडरों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने में पीडीडी और पीएचई विभाग समन्वय स्थापित करें।
सचिव अजीत साहू ने बताया कि 33 नए फीडर निर्बाध बिजली के लिए पहले से मौजूद बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे। ट्रांसफार्मर मरम्मत के लिए उपयुक्त व्यवस्था की जाए। पीएचई विभाग जल संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाए। नव प्रस्तावित भवनों में वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की जाए। शिकायत निवारण के लिए 24-7 कॉल सेंटर की स्थापना करेगा और महत्वपूर्ण पंपिंग स्टेशनों पर स्वचालित निगरानी प्रणाली शुरू करेगा।
बैठक में तवी, चिनाब और बसंतर नदियों के अलावा जम्मू संभाग के अन्य बड़े नालों में आवश्यक कार्यों के लिए धन की आवश्यकता पर भी बल दिया जाएगा।