जम्मू के पीएचई विभाग के डेलीवेजरों का लंबित वेतन जारी करने के लिए विभाग को 273 करोड़ की दरकार है। इसके लिए विभाग ने वित्त विभाग को राशि जारी करने के आग्रह के साथ फाइल भेज दी है। वहीं, डेलीवेजरों की काम छोड़ हड़ताल रविवार को तीसरे दिन भी जारी रही। प्रदर्शनकारियों ने पीएचई स्टेशनों, ट्यूबवेल और विभाग के अन्य कार्यालयों में प्रदर्शन और नारेबाजी की।
पीएचई विभाग जम्मू के चीफ इंजीनियर अशोक गंडोत्रा से डेलीवेजरों के लंबित वेतन के मसले के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जम्मू संभाग में कुल मिलाकर 22053 अस्थायी कर्मी पीएचई विभाग में काम कर रहे हैं। इनका लंबित वेतन जारी करने के लिए 273 करोड़ की राशि की जरूरत है। इसके लिए वित्त विभाग के पास फाइल भेजी जा चुकी है। वहां से राशि जारी होते ही डेलीवेजरों को जारी कर दी जाएगी।
प्रदर्शनकारियों के नियमित करने की प्रक्रिया धीमी होने के आरोप पर चीफ इंजीनियर का कहना है कि एसआरओ 520 के तहत नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है। एसआरओ के तहत सारी औपचारिकताओं को पूरा करना पड़ता है। जिन दिहाड़ीदार कर्मियों ने दस साल की अवधि को पूरा किया हुआ है। पहले उनके केस पर काम हो रहा है। दस साल के रिकार्ड को देखने परखने और जांचने की प्रक्रिया में समय तो लगता है। डेलीवेजरों को संयम बरतना चाहिए। विभाग के चीफ इंजीनियर होने के नाते वह पूरी कोशिश कर रहे हैं कि उनके साथ न्याय हो।