वर्ष 2014 के सितंबर माह में रियासत में आई सदी की सबसे भयंकर बाढ़ ने सभी को सिहरा दिया। वर्ष 1892 के बाद जम्मू-कश्मीर में आई इस बाढ़ में 260 से ज्यादा लोगों की जान गई। हजारों करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। लोगों के मकानों के अलावा पुल, सड़कें, सरकारी इमारतें, फसलों को भारी क्षति पहुंची।
कश्मीर में बाढ़ का पानी दो मंजिल तक पहुंच चुका था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाढ़ में फंसे लोगों पर क्या गुजरी होगी। केंद्र सरकार ने राहत और बचाव कार्य में रियासती सरकार की युद्धस्तर पर मदद कर करीब एक लाख पच्चीस हजार लोगों की जान बचाई।
सुरक्षित स्थानों पर उन्हें अस्थायी शिविरों में रखा गया। जम्मू संभाग में करीब 210 और कश्मीर संभाग में 54 से ज्यादा लोगों की जान गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बाढ़ से तबाही को अभूतपूर्व बताते हुए रियासत के बाढ़ से प्रभावित कई इलाकों का दौरा किया और केंद्र की तरफ से हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया।