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2900 KG विस्फोटक: दिल्ली ही नहीं, जम्मू-कश्मीर समेत देश के कई हिस्सों को दहलाने का था षड्यंत्र, बड़ा खुलासा

Mon, 10 Nov 2025 11:48 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत हिंद के अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का पकड़ा जाना सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता तो है लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का एक साथ मिलना बड़ा सवाल भी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आतंकियों ने किस स्तर पर षड्यंत्र रचा था।
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फरीदाबाद आतंकी साजिश का खुलासा - फोटो : PTI
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विस्तार
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फरीदाबाद में बरामद हुए 2,900 किलोग्राम विस्फोटक से आतंकियों के बड़े मंसूबे का पर्दाफाश हुआ है। आतंकियों ने दिल्ली ही नहीं, जम्मू-कश्मीर समेत देश के कई हिस्सों को दहलाने का षड्यंत्र रचा था। सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते इन साजिशों को नाकाम कर दिया। रक्षा विशेषज्ञों ने सरकारी व्यवस्था से जुड़े लोगों का आतंकी मॉड्यूल में संलिप्त होना चिंताजनक बताया है।

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रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत हिंद के अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का पकड़ा जाना सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता तो है लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का एक साथ मिलना बड़ा सवाल भी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आतंकियों ने किस स्तर पर षड्यंत्र रचा था।

पुलवामा हमले की तरह रची थी साजिश
भारी विस्फोटक पदार्थ और हथियार बरामद होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी है। इससे खुलासा हुआ है कि आतंकी मॉड्यूल कैसे काम करता है। 2,900 किलो विस्फोटक पदार्थ का मिलना बताता है कि आतंकी मॉड्यूल न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों को दहलाने की साजिश रच रहा था। पुलवामा में भी आतंकियों ने इस तरह विस्फोट जुटाकर बड़े हमले को अंजाम दिया था। सुरक्षा एजेंसियों को आपसी तालमेल और लोगों के बीच मौजूदगी को बढ़ाना होगा। -सेवानिवृत्त कर्नल ओएस चौहान
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सिर्फ आतंक फैलाना मकसद नहीं, राजनीतिक अस्थिरता लाने का भी षड्यंत्र
आतंकी कैसे हमारे देश के लिए नासूर बन गए हैं, इन्हें खत्म करने के लिए खुलकर बोलना होगा। सभी धर्मों के धर्मगुरुओं को आगे आकर बात करनी होगी। इस तरह के माॅड्यूल सिर्फ आतंक फैलाने तक सीमित नहीं हैं इनके पीछे देश और सरकार को अस्थिर करने का मंसूबा भी रहता है। इस तरह के मॉड्यूल दो तरह के काम हैं जो न सिर्फ जानी नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं बल्कि राजनीतिक रूप से भी देश को कमजोर करने कोशिश करते हैं। डॉक्टर का आतंकी गतिविधियों में शामिल होना बताता है कि इस तरह रही मानसिकता के लोग कहां-कहां तक घुसपैठ किए हैं। -सेवानिवृत्त कर्नल डॉ. वीरेंद्र कुमार शाही, वीर चक्र से सम्मानित

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