कठुआ। निजी स्कूलों की लूटखसोट पर लगाम लगाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने पहली बार सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर स्कूल परिसर में यूनिफार्म, स्टेशनरी व अन्य सामान की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही अगली कक्षा के लिए भी निजी स्कूलों द्वारा प्रवेश शुल्क लेने पर भी रोक लगा दी है।
वीरवार को जारी आदेश में कहा गया है कि अभिभावकों से बच्चे की अगली कक्षा में प्रवेश पर एडमिशन, बिल्डिंग डेवलपमेंट आदि के नाम पर फंड वसूले जाते हैं। प्रशासन की जानकारी में आया है कि निजी स्कूल प्रबंधक स्टेशनरी आइटम, यूनिफार्म, स्कूल बैग, वॉटर बॉटल आदि की बिक्री करते हुए व्यवसायिक गतिविधियों में भी शामिल हो रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
इनको ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने अगली कक्षा में जाने वाले विद्यार्थियों से स्कूल प्रबंधन द्वारा एडमिशन फीस नहीं वसूलने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही एक माह की फीस के 20 फीसदी के बराबर ही अब स्कूल डेवलपमेंट फंड वसूल सकेंगे।
स्कूल मैनेजमेंट स्टेशनरी आइटम, स्कूल यूनिफार्म आदि की बिक्री भी नहीं करेगा। हालांकि, सिलेबस के अनुसार नोटिफाइड और तय दाम पर ही स्कूल प्रबंधन टेक्स्ट बुक बेच पाएंगे। यह प्रतिबंध अगले एक माह तक लागू रहेगा।
बिना डरे करें निजी स्कूलों की शिकायत: डीसी
निजी स्कूलों की तरफ से मनमानी फीस वसूली, स्टेशनरी दुकानों से ऊंचे दाम में नोटबुक, पेन, पेंसिल आदि स्कूलों के साथ मिलकर बेचने, प्री प्राइमरी के बच्चों से कंप्यूटर फीस आदि लेने, ट्रांसपोर्टेशन के नाम पर हो रही अधिक वसूली पर डीसी कठुआ ने अभिभावकों को आश्वस्त किया है।
उन्होंने कहा कि कोई भी अभिभावक जिला प्रशासन तक अपनी शिकायत पहुंचा सकता है। प्रशासन ने पहला कदम उठाया है और जल्द ही अन्य मामलों में भी संज्ञान लिया जाएगा। अभिभावकों की पहचान को भी गुप्त रखा जाएगा, ताकि भविष्य में निजी स्कूल प्रबंधक उन्हें या विद्यार्थी को परेशान न करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन अधिक वसूली के मामलों को लेकर गंभीर है और कड़े कदम उठाए जाएंगे।