छत से गिरने के बाद इलाज के दौरान बच्चे की हुई मौत, शव ले जाते परिवारीजन
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उधमपुर के लाटी तहसील में शनिवार सुबह छत से गिरने से आठ वर्ष के बच्चे की मौत हो गई। उधर परिवार ने चिनैनी अस्पताल पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। बच्चे के पिता का कहना है कि चिनैनी अस्पताल में न तो उपचार किया गया न ही उधमपुर जिला अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा दी गई।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11 बजे छत पर खेलते समय मोहित कुमार नीचे गिर कर गया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार ने उसे सुद्धमहादेव स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां हालत में सुधार न होने पर बच्चे को चिनैनी अस्पताल रेफर कर दिया गया। बच्चे के पिता अशोक कुमार का कहना है कि दोपहर के समय मोहित को लेकर वह चिनैनी अस्पताल पहुंचे, जहां कोई डाक्टर नहीं था। बिना यूनिफार्म के चार कर्मचारी अस्पताल में थे, जिन्होंने बच्चे को जिला अस्पताल उधमपुर ले जाने को कहा। इसके लिए जब एंबुलेंस सुविधा मांगी गई, तो वह भी उन्होंने देने से इंकार कर दिया। परेशान होकर चिनैनी से निजी वाहन की व्यवस्था कर बच्चे को लेकर उधमपुर के लिए निकलेे। लेकिन जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। उधमपुर अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे मृत लाया घोषित कर दिया।
अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग
अशोक कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बच्चे की मौत चिनैनी अस्पताल की लापरवाही के कारण हुई है। अगर चिनैनी अस्पताल में डाक्टर मौजूद होते तो बच्चे का इलाज हो सकता था और उसकी जान बच सकती थी। इसके अलावा अगर एंबुलेंस सुविधा मिल जाती तो भी समय पर जिला अस्पताल पहुंचने पर उपचार हो सकता था। उन्होंने चिनैनी अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी अन्य बच्चे की लापरवाही के कारण मौत न हो सके।
चिनैनी में संभव नहीं था बच्चे का उपचार
बीएमओ चिनैनी डा. मोहम्मद यासीन के अनुसार जब बच्चे को अस्पताल लाया गया, तो डाक्टर मौजूद था। बच्चा इतना ज्यादा घायल था कि चिनैनी में उपचार संभव ही नहीं था। इसलिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। उधमपुर अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस देने को भी कहा गया था, लेकिन उन्होंने एंबुलेंस ली नहीं।