उधमपुर। मिनी स्टेडियम में दस लाख रुपये की लागत से बना चेंजिंग रूम खिलाड़ियों के काम आने के बजाय सब्जी का गोदाम नजर आता है। खेल विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से सब्जी विक्रेता इसके बरामदे को गोदाम के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पर खेल विभाग भी आंखें मूंदे है और कोई कदम नहीं उठा रहा है।
मिनी स्टेडियम में चेंजिंग रूम की सुविधा न मिलने के कारण खिलाड़ियों को कपड़े बदलने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 2014 में डिस्ट्रिक्ट यूथ सर्विसेज एंड स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने दस लाख से ज्यादा राशि से मिनी स्टेडियम में चेंजिंग रूम का निर्माण शुरू किया और इसका काम 2015 में पूरा हुआ। तीन वर्ष से इमारत बनकर तैयार है, लेकिन विवाद के कारण खिलाड़ी इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। वहीं अब चेंजिंग रूम का बरामदा सब्जी का गोदाम बन चुका है।
दरअसल मिनी स्टेडियम के बाहर एक छोटी सब्जी मंडी है। सब्जी विक्रेताओं ने कुछ खेल शिक्षकों की मिलीभगत से चेंजिंग रूम के बरामदे को गोदाम के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। रात के समय तो पूरा बरामदा सब्जी से भरा होता है। मंडी शुरू होने पर सब्जी को निकाल कर मंडी ले जाया जाता है, तो कुछ सब्जी वहीं पड़ी रहती है। इस बारे में खेल विभाग के अधिकारियों को भी पूरी जानकारी है, लेकिन कोई कुछ नहीं कर रहा है। वहीं खिलाड़ी जब अंदर सब्जी रखी हुई देेखते हैं, तो खेल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं।