फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नाभादास मंदिर के निर्माण को लेकर हिंसक झड़प

विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। सरकारी भूमि पर नाभादास मंदिर के निर्माण को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में आठ पुलिसकर्मियों के साथ चार अन्य बुरी तरह से घायल हो गए। घायलों में बसपा राज्य अध्यक्ष भी शामिल है। प्रशासनिक टीम लगातार दूसरे दिन सरकारी भूमि पर हो रहे निर्माण को रोकने पहुंची थी। इसी बीच स्थानीय लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। प्रशासनिक टीम के कई वाहन और नगर परिषद की जेसीबी को भी पथराव में नुकसान पहुंचा है। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उनका उपचार जारी है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में भर्ती करवाए गए घायलों में कांस्टेबल सुरिंद्र सिंह, एसपीओ भोली देवी, कांस्टेबल दर्शन सिंह, हेड कांस्टेबल सुभाष सिंह, हेड कांस्टेबल सुरिंदर कुमार, हेड कांस्टेबल अवतार सिंह शामिल रहे। पुलिस के कई आला अधिकारी भी अस्पताल में मरहम पट्टी करवाने पहुंचे। अन्य घायलों में बसपा राज्य अध्यक्ष सोमराज मजोत्रा, जोगिंदर पाल, सुषमा देवी, अशोक राज शामिल रहे। सभी घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

क्या था पूरा मामला
पिछले कुछ दिनों से जनाना पार्क कठुआ के नजदीक सरकारी भूमि पर नाभादास मंदिर को तैयार करने की कोशिश की जा रही थी। तीन दिन पहले तहसीलदार कठुआ ने लोगों को काम शुरू न करने की हिदायत भी दी थी, जिसके बाद बुधवार को जिला उपायुक्त के प्रयास के दौरान भी सरकारी भूमि पर हो रहे अवैैध निर्माण की शिकायत मिली थी। बुधवार को जिला उपायुक्त के नेतृत्व में पहुंची टीम ने हल्के विरोध के बीच नींव निर्माण को ढहाते हुए सामान भी जब्त कर लिया था। जिसके बाद शाम के समय नाभादास सभा के सदस्यों ने प्रशासन के कार्रवाई को तानाशाही करार देते हुए प्रदर्शन किया। वीरवार सुबह एक बार फिर बड़ी संख्या में लोगों ने नाभादास मंदिर निर्माण वाली जगह पर डेरा जमा लिया। जिसके बाद तेजी से निर्माण किया जाने लगा। दोपहर बाद तक दीवार खड़ी कर दी गई। शाम के समय जिला उपायुक्त, जिला पुलिस प्रमुख सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रशासनिक टीम ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वो नहीं माने। इस बीच बसपा राज्य अध्यक्ष को पुलिस ने घटनास्थल से हटाने की कोशिश की तो उनके समर्थकों ने पुलिस पर जमकर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस बल इससे पहले की संभव पाता कई पुलिसकर्मी बुरी तरह से घायल हुए। जिसके बाद आंसू गैस के गोले दाग और लाठीचार्ज कर पथराव करने वालों को तितर-बितर किया गया। जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए विवादित ढांचा गिरा दिया। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें