हीरानगर। रसाना गांव की आठ वर्षीय बच्ची के अपहरण व हत्या मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हिंदू एकता मंच ने हीरानगर तहसील मुख्यालय के समक्ष शनिवार को धरना दिया। इसमें क्षेत्र के पूर्व पंच सरपंचों के अलावा बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मंच द्वारा कई दिनों से इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार के दबाव के चलते उनकी मांग पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। सरकार में बैठे कुछ विधायक व मंत्री एक समुदाय विशेष की तथाकथित बातों को आधार बना कर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच की बजाए इसका राजनीतिकरण किया जा रहा है जो क्षेत्र में कभी भी तनाव पैदा कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चंद सियासतदानों के दबाव में यह मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है जिसमें निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है। समुदाय विशेष के लोग राज्य भर में इस पर राजनीति कर इसकी जांच सही जांच करने की बजाए इस मसले को बुनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि हम चाहते हैं कि इस दुखद हादसे की जांच सीबीआई द्वारा की जाए ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो सके और दोषियों को सजा मिल सके। इसके बाद मंच के सदस्यों ने एक ज्ञापन एसडीएम सुरेश शर्मा को सौंपा और मांग की प्रशासन माहौल को देखते हुए सही निर्णय ले ताकि क्षेत्र में किसी वजह से माहौल खराब न हो।
प्रदर्शन में मंच के प्रवक्ता एडवोकेट विजय शर्मा, पूर्व सरंपच कमल कांत, कांग्रेस नेता विजय टगोत्रा, पूर्व सरंपच चंदवा जोगेश सिंह, बार्डर यूनियन नेता भारत भूषण शर्मा, पूर्व सरंपच राकेश चौधरी आदि शामिल रहे।