हीरानगर। सांझी मोड़ में अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन की कार्रवाई में तोड़े गए खोखा मालिकों ने प्रशासन के खिलाफ पांचवें दिन भी अपना धरना जारी रखा। शुक्रवार को भी वह काम करने के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग पर अड़े रहे। इनमें से कुछ लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष निर्मल सिंह से भी मिलने गया।
धरने का नेतृत्व कर रहे राज सिंह ने कहा प्रशासन की बेरुखी अब हमें कड़ा रुख अख्तियार करने को मजबूर कर रही है। हम शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा अपने प्रतिनिधियों से मिल रहे हैं। पांच दिन गुजरने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। वीरवार को हमारा एक प्रतिनिधिमंडल डीसी कठुआ रोहित खजूरिया से भी मिला और यहां किसी दौरे पर आए डिविजनल कमिश्नर को भी अपनी व्यथा सुनाई। हमने उनसे अनुरोध किया कि वह मौके पर जाकर हुए नुकसान को देखें। इस तोड़फोड़ से कितने परिवारों के चूल्हे बुझ सकते हैं इसकी भी जानकारी जुटाएं। जहां से यह खोखे हटाए गए हैं उसके पीछे पीडब्ल्यूडी विभाग की जमीन लंबे समय से खाली पड़ी है। जब तक यहां कोई निर्माण नहीं होता तब तक इन उजड़े लोगों को यहां काम करने का मौका दिया जाए। प्रशासन की ओर से अब अगर और देरी की गई उसका नतीजा ही होगा उजड़े लोगों की आर्थिक हालत खराब होगी। अगर ऐसा हुआ तो मजबूरन हमें शांतिपूर्ण धरना को छोड़ कोई कड़ा कदम उठाना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी हमारा एक प्रतिनिधिमंडल विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर निर्मल सिंह से भी मिला। उनकी ओर से आश्वासन दिया गया है कि प्रशासन से बात कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों से विचार विर्मश कर लोगों की बेहतरी का निर्णय लिया जाएगा। धरने में स्वर्ण सिंह, बोधराज, मन्नु गुप्ता, राज कुमार, गणेश दास, रमेश चंद्र, शामलाल, सोमराज, कमल कुमार आदि शामिल रहे।