जम्मू। एसओएस इंटरनेशनल आर्गेनाइजेशन फार पीओके डिसप्लेस्ड पर्सन की ओर से मास्टर देवी चंद पार्क रिहाड़ी सोमवार को ब्लैक डे मनाया गया। पर्सन के चेयरमैन राजीव चुन्नी ने कहा कि 22 अक्तूबर 1947 को रिफ्यूजियों पर मुजफराबाद और मीरपुर में अत्याचार हुआ था। इसी कारण 22 अक्तूबर को ब्लैक डे के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अलग-अलग जगहों में रहे रिफ्यूजी 5300 परिवारों को मिलने वाले पैकेज का लाभ तुरंत दिया जाए। इस बाबत लंबे समय से लाभ मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोग सीमा से सटे मुजफराबाद और आसपास के इलाकों से विस्थापित होकर आए हैं। कश्मीरी पंडितों की तर्ज पर ही रिफ्यूजियों को सुविधा मिलनी चाहिए। कबाइलियों के हमले में कई लोग मारे गए थे। कबाइलियों ने सीमावर्ती इलाकों में कहर ढहाया था। कई लोगों की जानें गई थीं। 26 अक्तूबर को रियासत का विलय भारत में हुआ था। सरकार की ओर से सुविधाएं रिफ्यूजियों को नहीं मिल पाई हैं। कश्मीरी पंडितों को दस हजार रुपये राहत राशि दी जा ही है। इसी तर्ज पर रिफ्यूजियों को राहत राशि केंद्र सरकार दे।
इस मौके पर प्रो. जेएस मंगल, प्रो. एनएन शर्मा, प्रमोद घई, राम सिंह, बबू केवल राम, अश्वनी महाजन, वीरेंद्र खजूरिया, प्रो. अशोक गुप्ता, वेद राज, सारदा देवी, तिलक राज और अन्य मौजूद रहे।