श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा का जिम्मा लेने के बाद पहली पहली बार श्राइन बोर्ड ने कश्मीर घाटी में अतिरिक्त ट्रांजिट कैंप स्थापित किए। श्रद्धालुओं का इस कैंप में पूरा ख्याल रखा जा रहा है। यहां पर यात्रियों के खाने-पीने और स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजाम रखा गया है।
श्रीनगर के पंथा चौक, एचएमटी, जकूरा के साथ-साथ कश्मीर घाटी की विभिन्न जगहों पर कुल 12 ट्रांजिस कैंप स्थापित किए गए हैं। इनका उपयोग आपातकालीन परिस्थिति में भी किया जा सकता है। इन कैंपों में दस हजार से अधिक अमरनाथ यात्रियों को रखा जा सकता है। सभी उपायुक्तों को इन अतिरिक्त ट्रांजिट कैंपों की व्यवस्था और सभी सुविधाओं की निगरानी के अलावा मजिस्ट्रेट सहायता प्रदान करने के लिए कहा गया है।
ट्रांजिट कैंपों में स्वास्थ्य विभाग, श्रीनगर म्यूनिसिपल कारपोरेशन, फूड एंड सप्लाई, पीएचई विभागों सहित राज्य के लगभग सभी उन विभागों द्वारा 24 घंटे सुविधाएं प्रदान करवाई जा रही है, जिनकी इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को जरूरत है। यहां पर बायो टॉयलेट्स, आवश्यक वस्तुओं के स्टोरेज के लिए लॉकर, बिजली, पानी, बिजली बैकअप आदि सुविधाएं हैं। श्रद्धालु इन ट्रांजिस कैंप की पहल के लिए श्राइन बोर्ड और राज्य प्रशासन की सराहना कर रहे हैं।
दिल्ली से आए छेनि सिंह ने कहा कि यहां पहली बार ऐसा प्रबंध किया गया है। एक अन्य श्रद्धालु संजय यादव ने कहा कि बहुत अच्छा है। यहां मोबाइल फोन चार्ज करने तक की सुविधा है।
कैंप में सफाई का विशेष ध्यान
ट्रांजिट कैंपों में स्वास्थ्य और स्वच्छता का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। एमसी की टीमें दिन में दो बार कैंप को साफ करती हैं। म्यूनिसिपल टीम के इंचार्ज अब्दुल रशीद भट ने कहा कि पहली शिफ्ट सुबह और दूसरी शिफ्ट दोपहर से शाम तक होती है। इस दौरान सारा कूड़ा जमा कर यहां से हटाया जाता है। मछरों और कीड़ों को भगाने के लिए स्प्रे भी कराते हैं। हर कैंप में एक वार्ड की सुविधा और एक एंबुलेंस को चौबीसों घंटे रखा गया है ताकि अगर किसी बीमार यात्री को बड़े अस्पताल शिफ्ट करना हो तो देरी ना हो। मेडिकल कैंप की सुपरवाइजर तस्लीमा ने कहा कि यहां डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ 24 घंटे तैनात रहते हैं।
एसडीआरएफ की 31 टीमें 20 स्थानों पर तैनात
श्रीनगर के मैदानी इलाकों के अलावा कुछ कैंप यात्रा के दोनों मार्गों पर भी स्थापित किए गए हैं। महागुनस टॉप, वागबल, पोषपथरी और अन्य स्थानों पर ऑक्सीजन बूथ, डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ, दवाएं, क्रिटिकल केयर सुविधा आदि रखी गई है। एसडीआरएफ की कुल 31 टीमें पहले ही 20 स्थानों पर तैनात हैं। पर्यटन विभाग ने पवित्र गुफा के लिए विभिन्न स्थानों पर 31 शेल्टर शेड स्थापित किए हैं। इतना ही नहीं बेस कैंपों से गुफा तक के मार्ग पर मोबाइल फोन के सिग्नल दुरुस्त रखना सुनिश्चित किया गया है।